BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को उस समय अचानक अफरातफरी और हड़कंप का माहौल बन गया, जब डाउन दानापुर-पुणे एक्सप्रेस की एक बोगी से एक यात्री का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। प्राथमिक रूप से जो जानकारी सामने आ रही है, उसके अनुसार युवक ने ट्रेन के भीतर ही फांसी लगाकर आत्महत्या की है। हालांकि, पुलिस और रेल प्रशासन का कहना है कि मौत के असली कारणों की आधिकारिक पुष्टि पूरी वैज्ञानिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
सुबह चेकिंग के दौरान सामने आया खौफनाक मंजर
मिली जानकारी के मुताबिक, पुणे से चलकर दानापुर आने वाली यह एक स्पेशल ट्रेन थी। शुक्रवार को जब यह ट्रेन दानापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी, तो रेलकर्मियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम रूटीन चेकिंग के लिए बोगी की तरफ बढ़ी। इसी दौरान आरपीएफ के जवानों ने देखा कि गार्ड बोगी के ठीक बगल वाले जनरल डिब्बे का एक दरवाजा अंदर से पूरी तरह लॉक यानी बंद था।
संदेह होने पर आरपीएफ की टीम बोगी के दूसरे गेट की तरफ से घूमकर अंदर दाखिल हुई। जैसे ही सुरक्षाकर्मी बोगी के भीतर पहुंचे, उनके होश उड़ गए। बोगी के अंदर करीब 35 वर्षीय एक अज्ञात युवक का शव ऊपर वाली सीट (अपर बर्थ) के लोहे के हुक से लटका हुआ था। युवक ने अपनी ही पैंट की बेल्ट का इस्तेमाल फंदा बनाने के लिए किया था और उसी के सहारे सुसाइड कर लिया था।
लेट चल रही थी ट्रेन, सफाई के वक्त खुला राज
दानापुर के आरपीएफ सीनियर कमांडेंट ने घटना के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह गाड़ी एक विशेष ट्रेन (पुणे स्पेशल) है। इस ट्रेन को निर्धारित समय के अनुसार शुक्रवार की तड़के सुबह करीब 3:00 बजे ही दानापुर स्टेशन पहुंचना था, लेकिन किन्हीं कारणों से ट्रेन काफी लेट चल रही थी और सुबह लगभग 11:00 बजे दानापुर प्लेटफॉर्म पर पहुंची।
नियम के मुताबिक, ट्रेन के खाली होने के बाद उसकी साफ-सफाई और यांत्रिक जांच होनी थी, जिसके बाद इसे दोबारा आगे के लिए रवाना किया जाता। इसी सफाई और चेकिंग की प्रक्रिया के दौरान रेलकर्मियों और आरपीएफ के जवानों को युवक का शव फंदे से झूलता हुआ मिला।
नहीं मिला कोई आईडी कार्ड, पहचान बनी पहेली
इस घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती मृतक की शिनाख्त (पहचान) को लेकर खड़ी हो गई है। आरपीएफ सीनियर कमांडेंट ने बताया कि तलाशी के दौरान युवक के पास से कोई भी पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) या ऐसा कोई दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसका नाम या पता मालूम किया जा सके।
युवक की जेब से कोई टिकट या मोबाइल फोन भी प्रारंभिक जांच में सामने नहीं आया है। पुलिस आसपास के थानों और अन्य रेल मंडलों से संपर्क साधकर गुमशुदा लोगों के रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि मृतक की पहचान जल्द से जल्द की जा सके।
मौके पर पहुंची FSL और GRP की टीम
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और दानापुर जीआरपी थाना की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। मामले में किसी भी तरह की साजिश या संदेहास्पद पहलू की बारीकी से जांच के लिए तुरंत विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की फॉरेंसिक टीम को भी स्टेशन पर बुलाया गया।
एफएसएल की टीम ने उस पूरी जनरल बोगी की गहनता से जांच की है, जहां शव मिला था। टीम ने फंदे के रूप में इस्तेमाल की गई बेल्ट, फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह पूरी तरह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह है।
रेल एसपी अनंत कुमार राय का आधिकारिक बयान
पूरे मामले पर जानकारी देते हुए रेल एसपी अनंत कुमार राय ने बताया, “पुणे स्पेशल ट्रेन की जनरल बोगी में एक लगभग 35 वर्षीय युवक का शव बेल्ट के सहारे लटका हुआ पाया गया है। तत्काल कार्रवाई करते हुए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को मौके पर तैनात किया गया है। शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। फॉरेंसिक (FSL) की टीम बुलाकर तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी।” फिलहाल पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।