BNT Desk: म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग शनिवार सुबह अपने विशेष विमान से गया जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। देश के शीर्ष नेता का विमान सुबह करीब 8:55 बजे एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, जिसके बाद प्रशासन और गणमान्य लोगों द्वारा उनका बेहद भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक और राजनयिक दोनों दृष्टिकोणों से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। औपचारिक स्वागत की रस्मों के बाद, राष्ट्रपति का काफिला बेहद कड़े सुरक्षा घेरे के बीच सीधे बौद्ध धर्म की पावन नगरी बोधगया के लिए रवाना हो गया।
एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए जुटे कई गणमान्य
म्यांमार के राष्ट्रपति के गया आगमन पर उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर विशेष तैयारियां की गई थीं। उनके स्वागत के लिए बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय कुमार सिन्हा खुद एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।
इनके अलावा मगध प्रमंडल के कमिश्नर, आईजी, गया के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने गुलदस्ता भेंट कर राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की झलक भी देखने को मिली।
निजी होटल में विश्राम के बाद महाबोधि मंदिर रवानगी
तय कार्यक्रम के अनुसार, गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निकलने के बाद राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग का काफिला सीधे बोधगया स्थित एक आलीशान निजी होटल पहुंचा। वहां उन्होंने कुछ समय तक विश्राम किया और जलपान किया।
इसके बाद, वे भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली और विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के लिए रवाना हुए। महाबोधि मंदिर पहुंचने पर बौद्ध भिक्षुओं (लामाओं) ने पारंपरिक तरीके से शंखध्वनि और प्रार्थनाओं के बीच उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति ने मंदिर के गर्भगृह में जाकर भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सामने विशेष पूजा-अर्चना की और विश्व शांति की कामना की। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक पवित्र बोधि वृक्ष के भी दर्शन किए और मंदिर परिसर का भ्रमण कर वहां की वास्तुकला की सराहना की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पुलिस छावनी में बदला बोधगया
एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के दौरे को देखते हुए गया एयरपोर्ट से लेकर पूरे बोधगया शहर तक सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए गए थे कि पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। वीवीआईपी रूट और उसके आसपास के पूरे मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल और कमांडो तैनात किए गए थे।
प्रशासनिक अधिकारी खुद पूरी सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे। महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) और महाबोधि मंदिर परिसर के मुख्य द्वारों के बाहर भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, ताकि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो सके।
आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक और सुरक्षा प्रतिबंध
सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल के कारण शनिवार सुबह महाबोधि मंदिर में आम श्रद्धालुओं और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर सुबह 11:30 बजे तक पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। मंदिर के भीतर केवल राष्ट्रपति के डेलिगेशन और अधिकृत अधिकारियों को ही जाने की अनुमति थी।
इसके साथ ही, सुरक्षा कारणों से बोधगया के कई प्रमुख मार्गों पर संचालित होने वाली फुटपाथी दुकानों को भी अस्थाई रूप से बंद कराया गया। दुमोहान, पच्छटी मोड़ सहित कई अति-संवेदनशील और प्रमुख चौराहों से अस्थाई दुकानों और ठेलों को हटाया गया था, ताकि काफिले की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
चमक उठी बुद्ध की नगरी, सफाई व्यवस्था रही दुरुस्त
राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के इस वीवीआईपी दौरे को लेकर बोधगया नगर परिषद की टीम पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटी थी। विशेष अभियान चलाकर पूरे बोधगया शहर, मुख्य सड़कों, डिवाइडरों और महाबोधि मंदिर के आसपास के इलाकों में सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया था। सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया और शहर को बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया गया था। म्यांमार के राष्ट्रपति के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों और बौद्ध भिक्षुओं के बीच एक विशेष उत्साह और खुशी का माहौल देखा गया।