BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना के ग्रामीण इलाके में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पटना जिला अंतर्गत बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मिलकर जंगलों और झाड़ियों के बीच चल रही एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान मौके से अवैध हथियारों का निर्माण कर रहे चार शातिर अभियुक्तों को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। मौके से भारी मात्रा में बने और अर्धनिर्मित हथियार समेत उन्हें बनाने के कल-पुर्जे और मशीनें भी बरामद की गई हैं।
धोवा नदी के किनारे झाड़ियों में चल रहा था अवैध खेल
जानकारी के अनुसार, पटना एसटीएफ (STF) को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आकाश होटल से दक्षिण-पश्चिम दिशा में करीब 3 किलोमीटर दूर टेका विगहा टांड इलाके में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। वहां धोवा नदी के किनारे घनी झाड़ियों की आड़ में चोरी-छिपे एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री चलाई जा रही है, जहां हथियारों का निर्माण और उनकी तस्करी का काम धड़ल्ले से जारी है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम
इस इनपुट की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) महोदय के निर्देश पर तुरंत एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसटीएफ के जवानों और स्थानीय बख्तियारपुर थाने की पुलिस को शामिल किया गया। संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान (टेका विगहा टांड) को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस की अचानक हुई इस घेराबंदी से मौके पर हथियार बना रहे अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिला और पुलिस ने चार कारीगरों को मौके पर ही दबोच लिया।
नालंदा के रहने वाले हैं चारों गिरफ्तार आरोपी
पकड़े गए सभी अभियुक्त पेशेवर कारीगर हैं और वे सभी पड़ोसी जिले नालंदा के एक ही गांव के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है:
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विजय प्रसाद (उम्र करीब 57 वर्ष), पिता- स्वर्गीय रामदेव बिन्द
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धनंजय कुमार (उम्र करीब 32 वर्ष), पिता- विजय प्रसाद
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सकलदीप प्रसाद (उम्र करीब 60 वर्ष), पिता- स्वर्गीय बिन्देश्वर बिन्द
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मिथिलेश बिन्द (उम्र करीब 55 वर्ष), पिता- स्वर्गीय महेन्द्र बिन्द
यह सभी आरोपी ग्राम- बैरीगंज, थाना- चिकसौरा, जिला- नालंदा के निवासी हैं। पुलिस इनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
फैक्ट्री से बरामद हथियारों और उपकरणों की सूची
पुलिस ने घटनास्थल की गहन तलाशी ली, जहां से हथियारों का एक बड़ा जखीरा और फैक्ट्री संचालित करने के सामान बरामद हुए हैं:
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तैयार एवं अर्धनिर्मित हथियार: मौके से 2 पीस तैयार देसी कट्टा बरामद हुए हैं, जिनकी बनावट (बट की लंबाई- 5 अंगुल, बॉडी- 6 अंगुल और बैरल- 11 अंगुल) है। इसके अलावा 3 पीस अर्धनिर्मित देसी कट्टे भी मिले हैं।
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मशीनें और औजार: हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली 3 पीस बेस मशीन, 1 पीस खन्दा (भांती), 1 पीस हैंड ड्रिल मशीन, 2 पीस हेक्सा फ्रेम, 2 पीस हैंडल (गुणा काटने वाला) और 3 पीस रैमर बरामद किए गए हैं।
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हथियार के पुर्जे व अन्य सामग्री: 15 पीस रेती, 2 पीस आरी, 4 हथौड़ी (बड़ी और छोटी), 22 पीस छेनी, 1 पिलास, 2 रिंच के साथ-साथ 3 पीस कारतूस के खोखे, 23 पीस स्टराइड, 35 पीस छोटा स्प्रिंग, 14 पीस बड़ा स्प्रिंग, 47 पीस हेक्सा ब्लेड और करीब 2 किलो कोयला बरामद हुआ है। साथ ही वजन करने के लिए 20 किलो और 2 किलो के बटखरे भी मिले हैं।
मुख्य साजिशकर्ता की तलाश में जुटी पुलिस
गिरफ्तार अभियुक्तों को पुलिस लाइंस लाकर सघन पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि नालंदा के इन चारों कारीगरों को बख्तियारपुर का ही एक स्थानीय व्यक्ति ठेके पर हथियार बनाने के लिए यहां बुलाकर लाया था। वही इस पूरी अवैध फैक्ट्री का मुख्य संचालक और मास्टरमाइंड है। पुलिस अब उस मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही पकड़े गए सभी आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास (Crime History) भी खंगाला जा रहा है।
ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम
इस सफल और साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देने में पटना पुलिस और एसटीएफ के निम्नलिखित अधिकारियों व जवानों की मुख्य भूमिका रही:
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श्री आयुष श्रीवास्तव (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाई-02)
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देवानंद शर्मा (पुलिस निरीक्षक-सह-थानाध्यक्ष)
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उमाशंकर मिश्रा, मनमोहन कुमार, राजकिशोर राम (सभी पुलिस अवर निरीक्षक)
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एसटीएफ (STF) टीम, पटना और अन्य पुलिसकर्मी।