भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर समानांतर बेली ब्रिज का काम हुआ तेज, BRO ने 24 घंटे में बनाया रिकॉर्ड

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के भागलपुर जिले और पूरे अंग क्षेत्र की जनता के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। जिले के ऐतिहासिक और लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर लग रहे भीषण जाम से निपटने के लिए बनाया जा रहा समानांतर बेली ब्रिज अब हकीकत का रूप लेने लगा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य अब बेहद तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

देश की सबसे प्रतिष्ठित और कुशल निर्माण इकाइयों में से एक, बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) द्वारा इस पुल को पूरा करने के लिए दिन-रात युद्धस्तर पर काम कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में आई इस अभूतपूर्व तेजी के कारण अब नदी के ऊपर पुल का खूबसूरत स्वरूप साफ-साफ आकार लेता नजर आने लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है।

BRO के एडीजी के दौरे के बाद बदला पूरा नजारा

इस निर्माण परियोजना में आई अचानक और रिकॉर्डतोड़ तेजी के पीछे सीमा सड़क संगठन (BRO) के शीर्ष नेतृत्व की सख्त मॉनिटरिंग को मुख्य वजह माना जा रहा है। दरअसल, बीते बुधवार यानी 20 मई 2026 को सीमा सड़क संगठन के अपर महानिदेशक (ADG) श्री जितेंद्र प्रसाद (विशिष्ट सेवा पदक) ने खुद भागलपुर पहुंचकर विक्रमशिला सेतु का गहन जमीनी निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद इंजीनियरों और ठेकेदारों को कार्य में किसी भी तरह की कोताही न बरतने की सख्त हिदायत दी थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि तय समय सीमा के भीतर हर हाल में काम पूरा होना चाहिए। बीआरओ के शीर्ष अधिकारी के इस कड़े रुख और दिशा-निर्देशों के तुरंत बाद निर्माण एजेंसियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, जिसका सीधा असर काम की रफ्तार पर दिखने लगा है।

महज 24 घंटे में रच दिया इतिहास:

अपर महानिदेशक (ADG) के कड़े निर्देशों का असर कार्यस्थल पर अगले ही दिन एक बड़े चमत्कार के रूप में देखने को मिला। बीआरओ के दक्ष इंजीनियर्स, सुपरवाइजर्स और तकनीकी कर्मियों की समर्पित टीम ने रात-दिन एक करते हुए काम किया।

बनाया नया रिकॉर्ड: इस टीम ने महज एक दिन यानी 24 घंटे के भीतर पुल के लगभग 170 फीट लंबे हिस्से में लोहे की भारी-भरकम चादर (डेक प्लेट्स) बिछाने का काम सफलतापूर्वक और रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया। सीमा सड़क संगठन (BRO) की इस अनुशासित कार्यशैली और अद्भुत स्पीड को देखकर स्थानीय जिला प्रशासन के अधिकारी भी पूरी तरह हैरान हैं। इसे इस प्रोजेक्ट को समय से पहले पूरा करने की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर (Milestone) माना जा रहा है।

यातायात व्यवस्था के लिए ‘संजीवनी’ बनेगा यह पुल

भागलपुर का विक्रमशिला सेतु उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार को आपस में जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। गाड़ियों के अत्यधिक और अनियंत्रित दबाव के कारण इस मुख्य सेतु पर आए दिन 10 से 15 किलोमीटर लंबा और घंटों का विकराल जाम लगा रहता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के रूप में यह समानांतर बेली ब्रिज मील का पत्थर साबित होगा।

स्थानीय जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस नए बेली ब्रिज के पूरी तरह चालू हो जाने के बाद मुख्य विक्रमशिला सेतु से गाड़ियों का दबाव आधा हो जाएगा। प्रशासन इस नए पुल का इस्तेमाल वन-वे ट्रैफिक (एकतरफा यातायात) संचालित करने या छोटे वाहनों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के रूट को डाइवर्ट करने के लिए कर सकेगा। इससे पुल पर यातायात व्यवस्था को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और वाहनों का परिचालन बेहद सुगम हो जाएगा।

अद्भुत निर्माण को देखने उमड़ रही है लोगों की भारी भीड़

गंगा नदी के ऊपर चल रहे इस आधुनिक, विशाल और तकनीकी रूप से बेहतरीन निर्माण कार्य को देखने के लिए आसपास के गांवों और शहरी इलाकों से स्थानीय लोगों व राहगीरों की भारी भीड़ रोजाना जुट रही है। लोग बीआरओ के काम करने के अनोखे तरीके को देखकर काफी प्रभावित हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे सालों से विक्रमशिला सेतु पर एम्बुलेंस के घंटों फंसे रहने और स्कूली बच्चों व मरीजों को तड़पते हुए देखने को मजबूर थे। कई बार तो जाम के कारण गंभीर मरीजों की जान पर बन आती थी। अब जब इस समानांतर पुल का काम इतनी तेजी से पूरा होते दिख रहा है, तो आम जनता ने सचमुच राहत की गहरी सांस ली है। लोगों का मानना है कि बीआरओ की यह अद्भुत मुस्तैदी और तेज रफ्तार भागलपुर के विकास और बुनियादी ढांचे को एक नया आयाम देगी।

प्रशासनिक उम्मीदें और आगामी लक्ष्य

जिला प्रशासन इस प्रोजेक्ट की प्रगति से बेहद संतुष्ट नजर आ रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि यदि बीआरओ के इंजीनियर्स इसी रफ्तार और जज्बे के साथ काम करते रहे, तो बहुत जल्द ही इस पुल का अंतिम चरण भी पूरा कर लिया जाएगा। इस समानांतर पुल के चालू होते ही भागलपुर को सिल्क सिटी के साथ-साथ एक जाम-मुक्त और सुगम यातायात वाले शहर के रूप में भी नई पहचान मिलेगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर यहां की व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा।

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