पटना के बिक्रम में खूनी खेल: मामूली विवाद में घर में घुसकर पिता की चाकू मारकर हत्या, बेटे पर भी हमला

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BNT Desk: बिहार की राजधानी के ग्रामीण इलाकों में आपसी विवाद अब हिंसक रूप लेने लगे हैं। ताजा मामला पटना जिले के बिक्रम थानाक्षेत्र के अराप गांव से सामने आया है, जहाँ रविवार की देर रात एक मामूली सी कहासुनी ने ऐसी खूनी शक्ल अख्तियार की कि एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। बीच-बचाव करने आए पिता को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है।

मामूली कहासुनी और फिर खूनी संघर्ष

अराप गांव में रविवार की रात सब कुछ सामान्य था, लेकिन देर रात गोलू कुमार और सरयुग शर्मा के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद शुरू में बहुत छोटा था, लेकिन आरोपी सरयुग शर्मा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। देखते ही देखते उसने आपा खो दिया और गोलू पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।

घर तक पीछा और पिता की हत्या

अचानक हुए इस हमले से गोलू बुरी तरह डर गया और अपनी जान बचाने के लिए खून से लथपथ हालत में अपने घर की ओर भागा। लेकिन आरोपी के सिर पर खून सवार था। वह चाकू लहराते हुए गोलू के पीछे-पीछे उसके घर के अंदर घुस गया। घर के दरवाजे पर गोलू के पिता रामाकांत पासवान (45 वर्ष) ने अपने बेटे को बचाने की कोशिश की।

आरोपी सरयुग शर्मा ने रहम दिखाने के बजाय रामाकांत पासवान पर ही ताबड़तोड़ चाकू से वार करना शुरू कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रामाकांत पासवान वहीं गिर पड़े। घर के आंगन में मची चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण इकट्ठा होते, आरोपी मौके से फरार हो चुका था।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस (डायल 112) को सूचित किया। खून से लथपथ रामाकांत पासवान को आनन-फानन में बिक्रम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर चाकू के गहरे घाव मौत का कारण बने।

गांव में कोहराम और सड़क जाम

रामाकांत पासवान की मौत की खबर जैसे ही अराप गांव पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मृतक अपने परिवार के मुख्य आधार थे। सोमवार की सुबह आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क को जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अपराधी की गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो और मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाए।

क्या कहती है पुलिस?

इस पूरे मामले पर बिक्रम थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस घटना के बाद से ही सक्रिय है। उन्होंने कहा, “घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव में तैनात कर दी गई है। हालांकि, अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है, लेकिन पुलिस ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।” थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल

अराप गांव की इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ते असहिष्णुता के स्तर को उजागर किया है। मामूली विवाद में किसी की जान ले लेना और घर में घुसकर हत्या करना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस की गश्ती तेज होती, तो शायद अपराधी में ऐसा दुस्साहस नहीं आता।

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