PSLV की लगातार दूसरी नाकामी से बढ़ी चिंता, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

ISRO के भरोसेमंद PSLV रॉकेट के 9 महीने में लगातार दो मिशन फेल होने से चिंता बढ़ गई है। इसके बाद NSA अजीत डोभाल ने विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर का दौरा कर वैज्ञानिकों से बैठक की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिशन फेल होने में तकनीकी और सुरक्षा दोनों एंगल से जांच की जा रही है।

BNT
By
3 Min Read

BNT Desk: भारत का स्पेस प्रोग्राम दुनिया में काफी भरोसेमंद माना जाता है। खासकर PSLV रॉकेट को ISRO का सबसे सफल और भरोसेमंद रॉकेट कहा जाता है। लेकिन पिछले 9 महीनों में PSLV के लगातार दो मिशन फेल हो गए। इन असफलताओं ने वैज्ञानिकों और सरकार दोनों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार दो मिशन फेल होना PSLV के इतिहास में बड़ी घटना माना जा रहा है।

PSLV मिशन को लेकर क्या हुआ

भारत का भरोसेमंद रॉकेट PSLV पिछले कुछ समय में चुनौतियों का सामना कर रहा है। मई 2025 और जनवरी 2026 में लगातार दो मिशन फेल हो गए। जनवरी 2026 में हुए मिशन में तीसरे स्टेज में तकनीकी खराबी आई, जिससे रॉकेट अपने तय रास्ते से भटक गया और सैटेलाइट्स को सही कक्षा में नहीं पहुंचा पाया। यह PSLV के इतिहास में दुर्लभ घटनाओं में गिना जा रहा है, क्योंकि इसे ISRO का सबसे भरोसेमंद रॉकेट माना जाता है। लगातार दो असफलताओं के बाद वैज्ञानिक स्तर पर जांच शुरू की गई।

NSA अजीत डोभाल का स्पेस सेंटर दौरा

इन मिशनों के फेल होने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर का गुप्त दौरा किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने वहां दो दिन तक वैज्ञानिकों के साथ कई बैठकें कीं। इस दौरान मिशन फेल होने की वजहों पर विस्तार से चर्चा हुई। डोभाल ने तकनीकी और सुरक्षा दोनों पहलुओं से जानकारी ली।

सरकार और ISRO का रुख

केंद्रीय अंतरिक्ष मंत्री ने भी कहा कि PSLV मिशन फेल होने के पीछे सैबोटाज की संभावना नहीं दिख रही है। मामले की जांच के लिए तकनीकी कमेटियां बनाई गई हैं, जो फेल होने की असली वजह पता करेंगी।

पीएम मोदी के कहने पर हुआ दौरा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर किया गया था। सरकार चाहती है कि मिशन फेल होने की असली वजह जल्द सामने आए और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

आगे की तैयारी

ISRO के वैज्ञानिक अब तकनीकी कारणों को ठीक करने में लगे हैं। लक्ष्य यह है कि आने वाले मिशन सफल हों और PSLV की भरोसेमंद छवि बनी रहे। यह मामला देश के स्पेस प्रोग्राम के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

Share This Article