BNT Desk: ईरान में सत्ता परिवर्तन के बीच एक बड़ी खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि अंतरिम सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अलीरेज़ा अराफी की एयरस्ट्राइक में मौत हो गई है। हालांकि, अब तक इस खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
कौन हैं अयातुल्लाह अलीरेज़ा अराफी?
अयातुल्लाह अलीरेज़ा अराफी का जन्म 1959 में ईरान के यज़्द प्रांत के मेयबोद शहर में हुआ था। वे एक वरिष्ठ शिया धर्मगुरु हैं और ईरान की धार्मिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने कम उम्र में ही धार्मिक शिक्षा शुरू कर दी थी और 1970 में क़ोम शहर चले गए, जो ईरान में इस्लामी शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। अराफी दर्शन, नैतिकता और धर्मशास्त्र के विद्वान हैं। वे असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और गार्जियन काउंसिल के सदस्य भी हैं। इसके अलावा वे ईरान की इस्लामिक सेमिनरी प्रणाली का संचालन भी कर चुके हैं।
क्या सच में उनकी मौत हो गई है?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे रेडिट और अन्य साइट्स पर यह दावा किया जा रहा है कि पद संभालने के कुछ ही घंटों बाद एयरस्ट्राइक में उनकी मौत हो गई। लेकिन ईरान के सरकारी मीडिया, अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों या किसी विदेशी सरकार ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह सिर्फ अफवाह है। विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स में अराफी को अब भी अंतरिम नेतृत्व की भूमिका में बताया जा रहा है।
अली खामेनेई से क्या था उनका संबंध?
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का अराफी पर गहरा विश्वास माना जाता था। उन्हें कई अहम पदों पर नियुक्त किया गया था। 2019 में वे गार्जियन काउंसिल में शामिल हुए। 2024 में वे असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के दूसरे उपाध्यक्ष बने। इससे साफ था कि वे सत्ता के केंद्र में मजबूत स्थिति रखते हैं।
आगे क्या होगा?
ईरान इस समय 40 दिन के शोक काल से गुजर रहा है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स को जल्द ही स्थायी सुप्रीम लीडर का चयन करना है। फिलहाल, अराफी अंतरिम व्यवस्था संभाल रहे हैं। उनकी मौत की खबरों को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। इसलिए ऐसी खबरों को सावधानी से लेना जरूरी है।