BNT Desk: बिहार के नवादा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां समाज को नई दिशा देने वाले एक सरकारी शिक्षक को ही कानून की धज्जियां उड़ाते हुए पकड़ा गया है। नवादा पुलिस ने गैस सिलेंडरों की अवैध कालाबाजारी के एक बड़े खेल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस अवैध धंधे का मुख्य आरोपी एक सरकारी स्कूल का शिक्षक निकला। पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।
रजौली प्रखंड में गुप्त सूचना पर बड़ी कार्रवाई
पूरा मामला नवादा जिले के रजौली प्रखंड के अंतर्गत आने वाले मुरहेना पंचायत का है। पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि इलाके में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया जा रहा है और इन्हें ऊंचे दामों पर बाजार में बेचा जा रहा है। इसी गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने चिन्हित ठिकानों पर छापेमारी की योजना बनाई।
जैसे ही पुलिस की टीम मुरहेना पंचायत पहुंची, वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने दो अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी, जहां से सिलेंडरों का जखीरा बरामद हुआ।
शिक्षक के पास मिला सिलेंडरों का ‘स्टॉक’
छापेमारी के दौरान पुलिस तब दंग रह गई जब मुख्य आरोपी की पहचान एक सरकारी शिक्षक के रूप में हुई। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को नामजद किया है:
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राजू साव: ये पेशे से एक सरकारी शिक्षक हैं। इनके ठिकाने से पुलिस ने कुल 47 गैस सिलेंडर बरामद किए। एक शिक्षक के घर में इतनी बड़ी संख्या में व्यवसायिक और घरेलू सिलेंडरों का होना कई बड़े सवाल खड़े करता है।
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शकील उर्फ गुड्डू: पुलिस ने शकील के पास से भी 3 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं।
कुल मिलाकर पुलिस ने 50 गैस सिलेंडर अपने कब्जे में लिए हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग गरीब ग्रामीणों के नाम पर आने वाले सिलेंडरों को अवैध रूप से जमा करते थे और फिर उन्हें होटल संचालकों या जरूरतमंदों को ब्लैक में बेच देते थे।
शिक्षा जगत शर्मसार: गुरु पर लगा दाग
नवादा में एक शिक्षक की इस करतूत ने पूरे शिक्षा विभाग को शर्मसार कर दिया है। ग्रामीणों के बीच राजू साव की छवि एक सम्मानित शिक्षक की थी, लेकिन पर्दे के पीछे वे गैस की कालाबाजारी का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह खेल कितने समय से चल रहा था और इसमें गैस एजेंसी के कर्मचारियों की मिलीभगत है या नहीं।
शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद विभाग अब उन पर निलंबन की कार्रवाई करने की तैयारी में है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि शिक्षक स्कूल के समय में यह धंधा करते थे या इसके लिए उन्होंने कोई अलग गिरोह बना रखा था।
पुलिस की चेतावनी: कालाबाजारी करने वाले खैर नहीं
रजौली थाना पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद सख्त संदेश दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। जब्त किए गए सिलेंडरों को संबंधित विभाग को सौंप दिया गया है और दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बिहार में शासन और प्रशासन की सख्ती
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बिहार में प्रशासनिक फेरबदल और नई सरकार के गठन की सुगबुगाहट तेज है। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नई व्यवस्था लागू होने से पहले पुलिस प्रशासन अवैध धंधों पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है। नवादा की इस घटना ने अधिकारियों को यह संदेश दिया है कि सरकारी पदों पर बैठे लोग भी भ्रष्टाचार में लिप्त हो सकते हैं, इसलिए निगरानी बढ़ानी जरूरी है।