BNT Desk: बिहार के जहानाबाद जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कड़ौना थाना क्षेत्र के एक निजी आवासीय विद्यालय (गुरुकुल हॉस्टल) में पांच साल के मासूम बच्चे की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। आक्रोशित परिजनों ने न केवल सड़क जाम की, बल्कि स्कूल परिसर में भी जमकर तोड़फोड़ की है।
दाखिले के मात्र एक हफ्ते बाद लौटी लाश
मृतक छात्र की पहचान बुलाकी बिगहा निवासी धनंजय कुमार के पुत्र आंशु कुमार के रूप में हुई है। परिजनों की आंखों में आंसू और कलेजे में धधकती आग है। उन्होंने बताया कि मात्र एक सप्ताह पहले ही बड़े अरमानों के साथ आंशु का दाखिला ‘गुरुकुल हॉस्टल’ में कराया था। उन्हें क्या पता था कि जिस स्कूल को वे अपने बच्चे का भविष्य संवारने के लिए चुन रहे हैं, वही उसकी मौत की जगह बन जाएगा।
स्कूल प्रशासन की संदिग्ध भूमिका: ‘गिरने’ की थ्योरी पर सवाल
परिजनों के अनुसार, सोमवार अहले सुबह स्कूल संचालक का फोन आया कि आंशु की तबीयत खराब है और उसे एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। जब माता-पिता अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत देखते हुए उसे पटना (PMCH) रेफर कर दिया। बदहवास परिजन बच्चे को लेकर पटना जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
हैरानी की बात यह है कि स्कूल संचालक इसे महज ‘गिरने’ के कारण लगी चोट बता रहे हैं, जबकि बच्चे के शरीर पर जो निशान मिले हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
“मेरे बेटे के गले, पेट और शरीर के कई हिस्सों पर चाकू से गोदने के गहरे निशान हैं। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर हत्या है। स्कूल संचालक और वहां के स्टाफ ने मिलकर मेरे बच्चे को मार डाला।” — धनंजय कुमार (मृतक के पिता)
NH-22 पर घंटों बवाल और स्कूल में तोड़फोड़
बच्चे की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीण और परिजन उग्र हो गए। उन्होंने शव को सड़क पर रखकर पटना-गया फोरलेन (NH-22) को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी स्कूल संचालक की तत्काल गिरफ्तारी और स्कूल को बंद करने की मांग कर रहे थे। इसके बाद गुस्साए लोगों ने स्कूल के हॉस्टल में घुसकर भारी तोड़फोड़ की, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन की कार्रवाई: हिरासत में स्कूल संचालक
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर SDO राजीव रंजन सिन्हा और SDPO मनीष चंद्र चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घंटों की मशक्कत और कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम हटवाया गया।
पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु:
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हिरासत: मुख्य आरोपी स्कूल संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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फॉरेंसिक टीम: घटनास्थल (हॉस्टल के कमरे) से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को बुलाया गया है।
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पोस्टमार्टम: शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के असली कारणों का पता चलेगा।
डरे-सहमे अभिभावक अपने बच्चों को ले गए घर
इस हृदयविदारक घटना ने अन्य अभिभावकों के मन में भी खौफ पैदा कर दिया है। स्कूल में हुई हत्या और तोड़फोड़ के बाद हॉस्टल में रहने वाले अन्य बच्चों के माता-पिता तुरंत स्कूल पहुंचे और रोते-बिलखते अपने बच्चों को लेकर घर लौट गए। फिलहाल स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि दोबारा हिंसा न भड़के।