BNT Desk: गौतम अडानी की अगुवाई वाली कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजे घोषित किए हैं, जिसने निवेशकों को थोड़ा निराश कर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (शुद्ध लाभ) पिछले साल की तुलना में 86% तक गिर गया है। इस खबर का असर सीधे तौर पर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला, जहाँ आज बाजार बंद होते-होते इसमें करीब 4.81% की गिरावट दर्ज की गई। जहाँ एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने 2663 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था, वहीं इस बार यह सिमटकर केवल 367 करोड़ रुपये रह गया है।
कमाई बढ़ी पर मुनाफा क्यों घटा?
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहाँ मुनाफे में बड़ी गिरावट आई है, वहीं कंपनी के रेवेन्यू (कमाई) में बढ़त देखी गई है। इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10,180 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही (8498 करोड़ रुपये) के मुकाबले 20% ज्यादा है। राजस्व बढ़ने के बावजूद मुनाफे में इतनी बड़ी गिरावट आना कंपनी के लिए चिंता का विषय है, जिसका मुख्य कारण बढ़ते खर्च या अन्य परिचालन चुनौतियाँ हो सकती हैं।
शेयर बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया
खराब नतीजों का सीधा असर शेयर की कीमतों पर पड़ा। आज बीएसई (BSE) पर अंबुजा सीमेंट का शेयर 535.05 रुपये पर खुला था, लेकिन बिकवाली के दबाव के कारण यह दिन के दौरान 508.05 रुपये के निचले स्तर (इंट्रा-डे लो) तक पहुँच गया। अंत में, यह 510.20 रुपये के भाव पर बंद हुआ। पिछले कुछ महीनों का ट्रेंड देखें तो कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को निराश ही किया है। पिछले 6 महीनों में शेयर की कीमत 17% तक गिर चुकी है।
क्या कहते हैं कंपनी के आंकड़े?
अगर हम अंबुजा सीमेंट के पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो कंपनी का 52-वीक हाई 625 रुपये और 52-वीक लो 455 रुपये रहा है। फिलहाल कंपनी का कुल मार्केट कैप 1.26 लाख करोड़ रुपये है। हालांकि सेंसेक्स इंडेक्स में पिछले एक साल में 7.18% की तेजी रही, लेकिन अंबुजा सीमेंट के शेयरों में इस दौरान महज 0.15% की मामूली बढ़त ही देखी गई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की जरूरत है।