बिहार में रामनवमी पर मातम: वैशाली में गंगा स्नान के दौरान डूबा एक ही परिवार, एक की मौत, दो अब भी लापता

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BNT Desk: बिहार के वैशाली जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल अचानक चीख-पुकार और मातम में बदल गया। पवित्र गंगा नदी में स्नान करने गए एक ही परिवार के पांच सदस्य नदी की तेज धारा की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक हादसे में एक 16 वर्षीय किशोरी की जान चली गई, जबकि दो अन्य लोग अब भी लापता हैं।

यह घटना देसरी थाना क्षेत्र के गनियारी घाट की है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रामनवमी के शुभ मुहूर्त पर परिवार के सदस्य गनियारी घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचे थे। पर्व की खुशियां चारों ओर थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। बताया जा रहा है कि स्नान के दौरान परिवार की एक महिला अचानक संतुलन खो बैठी और गहरे पानी में चली गई।

उसे डूबता देख, परिवार के अन्य चार सदस्य—जो पास ही खड़े थे—बिना अपनी जान की परवाह किए उसे बचाने के लिए गहरी धारा में कूद पड़े। लेकिन गंगा का जलस्तर और पानी का तेज बहाव इतना अधिक था कि बचाने गए लोग भी खुद को संभाल नहीं पाए और एक-एक कर सभी पानी के भंवर में समाने लगे।

रेस्क्यू ऑपरेशन: दो की बची जान, एक की मौत

घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों ने जब शोर सुना, तो उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तुरंत नदी में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की तत्परता से दो महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टलते-टलते रह गया। हालांकि, परिवार की खुशियां पूरी तरह नहीं बच सकीं।

इस हादसे में 16 वर्षीय किशोरी को जब तक बाहर निकाला गया, उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं, एक महिला और एक मासूम बच्ची पानी की लहरों में कहीं खो गईं।

प्रशासनिक कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही देसरी थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और प्रशासन की टीम ने तुरंत लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को भी सूचित किया गया है।

फिलहाल, नदी में सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी लापता महिला और बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंधेरा होने और पानी के बहाव के कारण तलाशी अभियान में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी प्रयास जारी हैं।

इलाके में पसरा सन्नाटा, परिजनों का बुरा हाल

रामनवमी जैसे पवित्र दिन पर हुए इस हादसे ने न केवल पीड़ित परिवार को, बल्कि पूरे वैशाली जिले को गमगीन कर दिया है। जिस घर में सुबह उत्सव की तैयारी हो रही थी, वहां अब केवल विलाप सुनाई दे रहा है। मृत किशोरी के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों की आंखें भी नम हैं और हर कोई उन दो लापता सदस्यों की सलामती की दुआ कर रहा है।

प्रशासन ने इस घटना के बाद घाटों पर मौजूद लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें। विशेष रूप से त्योहारों के समय जब भीड़ अधिक होती है, बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करें और गहरे पानी में जाने का जोखिम न उठाएं।

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