BNT Desk: पटना पुलिस ने पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई करीब 31 साल पुराने एक मामले में की गई। पटना की विशेष अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया था। बताया जा रहा है कि सांसद तय तारीख पर कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ।
1995 के केस से जुड़ा मामला
यह मामला साल 1995 से जुड़ा है। आरोप है कि पटना के गर्दनीबाग इलाके में एक मकान किराए पर लेकर उसे सांसद कार्यालय की तरह इस्तेमाल किया गया और मकान मालिक से धोखाधड़ी की गई। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और लंबे समय से कोर्ट में ट्रायल चल रहा था। कोर्ट ने पहले वारंट और बाद में कुर्की-जब्ती का आदेश भी जारी किया था।
मंदिरी आवास पर हाई वोल्टेज ड्रामा
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस टीम शुक्रवार शाम पटना के मंदिरी स्थित पप्पू यादव के आवास पहुंची। गिरफ्तारी से पहले करीब 3 घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। देर रात बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदल गया। इस दौरान पुलिस और पप्पू यादव के बीच बहस भी हुई।
समर्थकों का विरोध और तबीयत बिगड़ने की घटना
गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक उनके आवास के बाहर जुट गए। पुलिस जब उन्हें साथ ले जाने लगी तो समर्थकों ने विरोध किया और गाड़ी को घेर लिया। इसी दौरान पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए IGIMS अस्पताल ले गई।
साजिश का आरोप और आज कोर्ट में पेशी
पप्पू यादव ने गिरफ्तारी को साजिश बताया और कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई थी और उनके पास वारंट नहीं था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारी कोर्ट के आदेश पर हुई है। मेडिकल जांच के बाद शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थक विरोध कर रहे हैं और मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।