BNT Desk: बिहार के मधेपुरा जिले में शुक्रवार की देर रात एक भीषण सड़क हादसे में तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक अब भी लापता है। अरार थाना क्षेत्र के अरार पुल पर यह हादसा तब हुआ जब एक अनियंत्रित कार बिजली के खंभे को उखाड़ते हुए लगभग 20 फीट नीचे नदी में जा गिरी।
हादसे से पहले का ‘डेथ वीडियो’
इस घटना का सबसे विचलित करने वाला पहलू वह वीडियो है, जो इन चारों दोस्तों ने हादसे से महज एक घंटे पहले सोशल मीडिया पर ‘लाइव’ होकर बनाया था। लगभग 3 मिनट के इस वीडियो में चारों दोस्त भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव के गानों पर झूमते और हुटिंग करते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गाड़ी की सुई 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को छू रही है। मस्ती के आलम में डूबे ये युवक कैमरे पर खुद को “बिहार के रंगबाज” और “जिले के रंगबाज” बता रहे थे। उन्हें इस बात का इल्म भी नहीं था कि जिस रफ्तार को वे अपनी शान समझ रहे थे, वही चंद मिनटों बाद उनके मौत का कारण बनने वाली थी।
कैसे हुआ हादसा?
सभी दोस्त ग्वालपाड़ा में रामनवमी का मेला देखकर मधेपुरा लौट रहे थे। रात करीब 9 बजे वे स्टेशन चौक से निकले थे। रात लगभग 1 बजे, जब उनकी कार अरार पुल के पास पहुँची, तो रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक ने नियंत्रण खो दिया।
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कार पहले बिजली के खंभे से टकराई।
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टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुल की लोहे की रेलिंग टूट गई।
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कार सीधे नदी के गहरे पानी में जा गिरी।
चश्मदीद की जुबानी: “सिर्फ गाड़ी का पिछला हिस्सा दिख रहा था”
घटनास्थल के पास स्थित एक पान दुकानदार राजीव कुमार ने बताया कि वह अपनी दुकान में सो रहे थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज आई। बाहर निकलकर देखा तो बिजली के दो खंभे और एक दुकान ध्वस्त हो चुकी थी। जब टॉर्च की रोशनी नीचे नदी में डाली गई, तो कार का सिर्फ पिछला हिस्सा पानी के ऊपर नजर आ रहा था, बाकी पूरी गाड़ी डूब चुकी थी। तुरंत स्थानीय लोगों ने डायल 112 और पुलिस को सूचना दी।
मृतकों की पहचान
पुलिस और बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद तीन शवों को बरामद कर लिया है:
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घनश्याम कुमार (28): निवासी स्टेशन चौक, मधेपुरा।
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अंकित कुमार (26): निवासी बसनही, सहरसा।
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वसंत कुमार (23): निवासी सौर बाजार, सहरसा। चौथे युवक की पहचान अभी नहीं हो पाई है और एनडीआरएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी है।
प्रशासनिक सतर्कता और सबक
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर ओवरस्पीडिंग और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 140 की रफ्तार पर गाड़ी चलाते हुए वीडियो बनाना न केवल कानून का उल्लंघन था, बल्कि मौत को सीधा निमंत्रण था।