गया में दबंगई: पुलिस टीम पर हमला, ASI को गंभीर हालत में ICU में किया गया भर्ती, वार्ड पार्षद समेत 15 पर FIR

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार के गया (Gaya) जिले से कानून-व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ मंगलवार की देर रात कर्तव्य का पालन करने पहुंची पुलिस टीम पर गया नगर निगम के एक वार्ड पार्षद और उसके समर्थकों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में रामपुर थाना के एएसआई (ASI) विक्रम पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हमलावरों ने न केवल पुलिस के साथ मारपीट की, बल्कि हिरासत में लिए गए आरोपी को भी जबरन छुड़ाकर फरार हो गए।

घटना का पूरा ब्यौरा: रात 2 बजे हुआ बवाल

जानकारी के अनुसार, रामपुर थाना की गश्ती टीम मंगलवार देर रात करीब 2 बजे नियमित गश्त पर निकली थी। टीम जब शहर के गेवालबिगहा मोड़ के पास पहुंची, तो उन्होंने देखा कि देर रात होने के बावजूद एक दुकान खुली हुई थी। वहाँ 10 से 15 युवक जमा थे जो शोर-शराबा कर रहे थे और सामान खरीद रहे थे।

एएसआई विक्रम पासवान ने नियम का हवाला देते हुए दुकानदार को दुकान बंद करने और युवकों को घर जाने का निर्देश दिया। इसी बीच वहां मौजूद गया नगर निगम के वार्ड संख्या 38 के पार्षद कलाम कुरैशी पुलिस से उलझ गए। आरोप है कि पार्षद और उसके साथी नशे की हालत में थे और उन्होंने पुलिस के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

हिंसक हमला: एएसआई का तोड़ा हाथ

विवाद तब और बढ़ गया जब पुलिस ने बदतमीजी कर रहे एक युवक को हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। पार्षद के समर्थन में आए 10-12 लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में एएसआई विक्रम पासवान को बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनका दाहिना हाथ टूट गया और सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हमलावरों ने पुलिस गाड़ी के चालक और अन्य कर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की।

पुलिस महकमे में हड़कंप, इलाके में छापेमारी

घटना की सूचना मिलते ही गया पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। रामपुर थाना प्रभारी दिनेश बहादुर सिंह, सिविल लाइंस थाना प्रभारी और डायल 112 की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस की भारी मौजूदगी देखकर हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

घायल एएसआई विक्रम पासवान को तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें ICU में भर्ती किया है। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जाना।

पार्षद समेत 15 लोगों पर मुकदमा, दो गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। एएसआई विक्रम पासवान के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

  • मुख्य आरोपी: वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी (निवासी नादरागंज) को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

  • FIR: कुल 5 नामजद और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

  • गिरफ्तारी: पुलिस ने अब तक छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी पार्षद फिलहाल फरार है।

कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल

गया की इस घटना ने एक बार फिर बिहार में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और अपराधियों के बुलंद हौसलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक जनप्रतिनिधि द्वारा कानून की रक्षा करने वालों पर हमला करना समाज में गलत संदेश देता है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस के मनोबल को गिरने नहीं दिया जाएगा और सभी हमलावरों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

फिलहाल, इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए जिले के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

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