पटना: आईजी सुनील नायक के घर पहुँची आंध्र पुलिस, धारा 307 के तहत बड़ी कार्रवाई

आंध्र प्रदेश पुलिस ने पटना में बिहार कैडर के आईजी सुनील नायक के आवास पर छापेमारी की। 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी पर पूर्व सांसद रघुराम कृष्णा राजू की हत्या के प्रयास (धारा 307) का मामला दर्ज है। आरोप है कि 2021 में गिरफ्तारी के दौरान सांसद के साथ मारपीट की गई थी।

BNT
By
3 Min Read

BNT Desk: बिहार कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और अग्निशमन विभाग (Fire Services) के आईजी सुनील कुमार नायक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम ने पटना स्थित उनके आवास पर छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई एक पूर्व सांसद की हत्या के प्रयास के आरोपों और अदालती आदेशों के बाद की जा रही है।

आईजी सुनील कुमार नायक पर शिकंजा: पटना आवास पर आंध्र पुलिस का छापा

सोमवार सुबह राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र स्थित आईजी सुनील कुमार नायक के सरकारी आवास पर हलचल तेज हो गई। आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से उनके घर के भीतर दस्तावेजों की जांच की। 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील नायक पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज है, जिसे लेकर उनकी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद साल 2021 का है, जब सुनील कुमार नायक आंध्र प्रदेश में सीआईडी (CID) में तैनात थे। उस दौरान नरसापुरम के तत्कालीन सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पूर्व सांसद का आरोप है कि गिरफ्तारी के समय सुनील नायक के निर्देश पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। राजू का दावा है कि उस वक्त उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी, इसके बावजूद उन्हें घसीटा गया और जान से मारने की कोशिश की गई।

मुख्यमंत्री और आईपीएस अफसरों पर साजिश का आरोप

पूर्व सांसद रघुराम कृष्णा राजू (जो अब टीडीपी विधायक हैं) ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के इशारे पर उनके खिलाफ आपराधिक साजिश रची गई थी। इस मामले में सुनील नायक के साथ-साथ एक अन्य आईपीएस अधिकारी पीएसआर सीतारमंजनेयुलु, रिटायर्ड पुलिस अफसर आर. विजय पॉल और एक अस्पताल की पूर्व सुपरिटेंडेंट को भी आरोपी बनाया गया है। कोर्ट के आदेश पर इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।

गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड की तैयारी

बताया जा रहा है कि आईजी सुनील नायक की जमानत रद्द होने के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस सक्रिय हुई है। टीम का उद्देश्य उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करना और फिर ट्रांजिट रिमांड लेकर आंध्र प्रदेश ले जाना है। इस कार्रवाई की खबर मिलते ही आईजी आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बड़ी संख्या में होमगार्ड के जवान भी वहां पहुंच गए हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप

एक आईजी रैंक के अधिकारी के खिलाफ इस तरह की सीधी कार्रवाई से बिहार और आंध्र प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है। सुनील नायक बिहार कैडर के प्रभावशाली अधिकारी माने जाते हैं। फिलहाल, आधिकारिक सूत्रों से गिरफ्तारी की अंतिम पुष्टि और ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।

Share This Article