BNT Desk: नालंदा के मघड़ा स्थित शीतला माता मंदिर में हुई दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक हादसे पर राजनीतिक गलियारों और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
संजय सरावगी ने इस हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि निर्दोष श्रद्धालुओं की मौत की खबर ने उन्हें मर्माहत कर दिया है।
संजय सरावगी का शोक संदेश: “अत्यंत पीड़ादायक है यह क्षति”
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि नालंदा के मघड़ा गांव में माता शीतला के दर्शन के दौरान मची भगदड़ में माताओं और बहनों की मृत्यु की सूचना पाकर उनका मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने कहा:
“यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनकी पीड़ा की कल्पना करना भी कठिन है। मघड़ा मंदिर की यह घटना हम सभी के लिए एक बड़ी क्षति है और इसने प्रदेश के हर नागरिक को दुखी किया है।”
सरावगी ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि इस कठिन समय में वे और उनकी पूरी टीम पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना
हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं के प्रति भी प्रदेश अध्यक्ष ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपील की है कि मॉडल अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराया जाए। उन्होंने कहा कि घायलों की जान बचाना और उन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ करना इस वक्त की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
घटना की पृष्ठभूमि: मघड़ा में क्या हुआ?
नालंदा के बिहारशरीफ से लगभग 5 किलोमीटर दूर मघड़ा गांव में शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर हर साल विशाल मेले का आयोजन होता है। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को यहाँ लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।
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भीड़ का दबाव: मंगलवार की सुबह जब मंदिर के पट खुले, तो कतारों में लगी महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
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भगदड़: अचानक हुए इस दबाव के कारण कई महिलाएं नीचे गिर गईं और भगदड़ मच गई।
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नुकसान: इस हादसे में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जिनमें रीता देवी और रेखा देवी जैसी महिलाओं की पहचान हुई है। कई अन्य श्रद्धालु घायल हैं जिनका इलाज चल रहा है।
प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर
संजय सरावगी ने परोक्ष रूप से व्यवस्थाओं पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के मानकों की समीक्षा की जानी चाहिए। बड़े मेलों और मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और प्रशासन इस मामले की तह तक जाकर उचित कदम उठाएंगे।