BNT Desk: बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज के कारण सुर्खियों में हैं। राजधानी पटना के पास अपने पैतृक गांव नदवां में आयोजित होने वाले ‘महादंगल’ को लेकर उन्होंने बड़ा दावा किया है। अनंत सिंह ने न केवल अपनी अजेय शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखी।
“हारना तो हमने सीखा ही नहीं”: अनंत सिंह का आत्मविश्वास
हमेशा की तरह अपने खास ‘लठैत’ अंदाज में बात करते हुए अनंत सिंह ने विरोधियों को कड़ा संदेश दिया। जब उनसे उनकी राजनीतिक स्थिति और चुनौतियों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा— “हम हारना जानते ही नहीं। मेरी कुंडली में हार शब्द लिखा ही नहीं है।” अनंत सिंह ने साफ किया कि चाहे मैदान कुश्ती का हो या राजनीति का, वे हमेशा जीत के लिए ही उतरते हैं। उनके समर्थकों के बीच यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे उनकी शक्ति के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
3 अप्रैल को नदवां में ‘महादंगल’: 10 लाख लोगों के जुटने का दावा
अनंत सिंह ने अपने पैतृक आवास नदवां में 3 अप्रैल को आयोजित होने वाले विशाल कुश्ती प्रतियोगिता (महादंगल) की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने दावा किया कि इस आयोजन में बिहार ही नहीं, बल्कि देश के कोने-कोने से लगभग 10 लाख लोग जुटेंगे।
-
तैयारियां: आयोजन के लिए बड़े स्तर पर पंडाल और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
-
पहलवान: देश के नामी-गिरामी पहलवान इस दंगल में अपना दमखम दिखाएंगे।
-
उद्देश्य: अनंत सिंह का मानना है कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण खेलों को बढ़ावा मिलता है और क्षेत्र की जनता के बीच एकता बनी रहती है।
नई समिति में जगह मिलने पर अनभिज्ञता
हाल ही में राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि अनंत सिंह को एक नई महत्वपूर्ण समिति में जगह दी गई है। हालांकि, जब मीडिया ने उनसे इस बारे में सवाल किया, तो उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वे पद के भूखे नहीं हैं, बल्कि जनता की सेवा करना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।
नीतीश कुमार की तारीफ और भविष्य के CM पर राय
बिहार की मौजूदा सियासी उठापटक के बीच अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास के लिए बहुत काम किया है।
जब उनसे बिहार के अगले मुख्यमंत्री और नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से अपनी राय दी। उन्होंने संकेत दिया कि नीतीश कुमार का नेतृत्व बिहार के लिए अनिवार्य है और भविष्य की जो भी रणनीति बनेगी, उसमें उनकी भूमिका सर्वोपरि रहेगी।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चुनौती
एक तरफ जहां अनंत सिंह 10 लाख लोगों के जुटने का दावा कर रहे हैं, वहीं प्रशासन के लिए इतनी बड़ी भीड़ को संभालना एक बड़ी चुनौती होगी। 3 अप्रैल को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पटना पुलिस भी अलर्ट मोड पर है। खुसरूपुर और आसपास के इलाकों में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं (जैसे मोहम्मद आफताब की हत्या) को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
शक्ति प्रदर्शन या सांस्कृतिक प्रेम?
अनंत सिंह का यह महादंगल महज एक खेल आयोजन है या 2026 के राजनीतिक बदलावों से पहले अपनी ‘शक्ति’ दिखाने का एक जरिया, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इतना तय है कि “छोटे सरकार” के नाम से मशहूर अनंत सिंह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिहार की सियासत में उन्हें नज़रअंदाज़ करना नामुमकिन है।