विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में झारखंड के कप्तान ईशान किशन ने एक शानदार प्रदर्शन करते हुए 33 गेंदों में शतक जड़ दिया, जो भारतीय लिस्ट-ए क्रिकेट में दूसरे सबसे तेज़ शतक के रूप में दर्ज हुआ है। यह पारी उन्होंने कर्नाटक के खिलाफ अहमदाबाद में खेलते हुए बनाई, जहां किशन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से विपक्षी गेंदबाज़ों को कड़ी चुनौती दी। उनके इस शतक से टीम को 412/9 का बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद मिली।
रिकॉर्ड, 14 छक्के और जबरदस्त स्ट्राइक रेट
ईशान किशन ने इस तूफ़ानी पारी में 7 चौके और 14 छक्के जड़े, जिससे उनका स्ट्राइक रेट बेहद ऊँचा रहा। उन्होंने शतक 33 गेंदों में पूरा किया और कुल 125 रन का शानदार योगदान दिया। इस रिकॉर्ड को मौजूदा सबसे तेज़ रिकॉर्ड के ठीक पीछे माना गया है, जो बिहार के सकीबुल गनी के नाम 32 गेंदों का शतक है। किशन का शतक न सिर्फ तेज़ था, बल्कि आक्रमक खेल का एक बेहतरीन उदाहरण भी साबित हुआ।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में वापसी का संकेत
यह पारी ईशान किशन के लिए और भी खास रही क्योंकि यह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए प्रत्याशित भारतीय टीम में वापसी के बाद आया शतक था। किशन को हाल ही में T20 वर्ल्ड कप 2026 के भारतीय खेमे में शामिल किया गया है और इस विस्फोटक प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के लिए यह उनके फ़ॉर्म और क्षमता का एक मजबूत संदेश रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पारी ने किशन की राष्ट्रीय टीम में जगह को और मजबूत किया है।
घरेलू क्रिकेट में निखरता आक्रमक क्रिकेट
ईशान किशन की यह पारी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी बल्कि यह घरेलू क्रिकेट में आक्रमक बल्लेबाज़ी का नया युग भी दर्शाती है। विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार तेज़ शतकों की बारिश के बीच किशन की 33-बॉल सेंचुरी ने दर्शकों को रोमांचित किया और यह साबित किया कि घरेलू फ़ॉर्म मजबूत खिलाड़ी को विश्व स्तर पर भी चमकने का अवसर दे सकता है। ऐसे प्रदर्शन चयनकर्ताओं को नई संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।