BNT Desk: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में मचे सियासी घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से उठा लिया है। इस कदम के बाद अब अमेरिका की नजर वेनेजुएला के उन बेशुमार प्राकृतिक संसाधनों पर है, जो इस देश को दुनिया का सबसे अमीर देश बना सकते हैं। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला के तेल नेटवर्क और उससे होने वाली कमाई पर अब अमेरिका का नियंत्रण होगा।
दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार पर कब्जा
वेनेजुएला के पास इस वक्त दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार है। आंकड़ों के मुताबिक, यहाँ करीब 303 अरब बैरल तेल मौजूद है, जिसकी कीमत लगभग 14 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है। हालांकि, वेनेजुएला का तेल काफी गाढ़ा और भारी होता है जिसे निकालने के लिए एडवांस तकनीक की जरूरत पड़ती है। अमेरिका के पास वह तकनीक मौजूद है, और अब ट्रंप सरकार इस तेल भंडार का इस्तेमाल अपने फायदे और वेनेजुएला के विकास के लिए करने की योजना बना रही है।
सिर्फ तेल ही नहीं, सोने और गैस की भी खान
आपको जानकर हैरानी होगी कि वेनेजुएला सिर्फ तेल में ही नहीं, बल्कि सोने और प्राकृतिक गैस के मामले में भी काफी आगे है। पूरे दक्षिण अमेरिका में सबसे ज्यादा स्वर्ण भंडार इसी देश के पास है। इसके अलावा, यहाँ 5.5 ट्रिलियन क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का भंडार है, जो पूरे लैटिन अमेरिका की गैस का करीब 73 फीसदी हिस्सा है। अमेरिका के व्यापार मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भी संकेत दिए हैं कि वे यहाँ के स्टील और माइनिंग सेक्टर को फिर से खड़ा करेंगे।
क्या ये अमेरिका की ‘साम्राज्यवादी’ चाल है?
इस पूरी कार्रवाई को लेकर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स अलग-अलग राय रख रहे हैं। कई जानकारों का मानना है कि अमेरिका की नजर केवल लोकतंत्र बचाने पर नहीं, बल्कि वहां के कीमती खनिजों (Critical Earth Metals) पर है। वेनेजुएला में भारी मात्रा में कोयला, लोहा, निकल और हीरा मौजूद है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने वादा किया है कि वे जल्द ही सत्ता वहां की चुनी हुई सरकार को सौंप देंगे, लेकिन इसकी कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। अब देखना यह होगा कि इस ‘जैकपॉट’ के हाथ लगने के बाद वेनेजुएला की किस्मत बदलती है या विवाद और गहराता है।