ठाकरे किले में सेंध, बीजेपी सबसे आगे BMC चुनाव में किसके सिर सजेगा मेयर का ताज?

मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों में महायुति (BJP और एकनाथ शिंदे गुट) ने बड़ी जीत दर्ज की है। शुरुआती रुझानों से ही भाजपा गठबंधन ने ठाकरे परिवार के पुराने किलों में सेंध लगाते हुए बहुमत की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। मुंबई का अगला मेयर अब महायुति से होने की पूरी संभावना है।

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BNT Desk: मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 के नतीजे आज पूरे देश की नजरों में हैं। सालों के इंतजार के बाद आखिरकार मुंबई को अपना नया मेयर मिलने वाला है। ताज़ा रुझानों ने साफ कर दिया है कि बीजेपी और एकनाथ शिंदे की ‘महायुति’ ने मुंबई में बड़ी बढ़त बना ली है और वह जीत के काफी करीब खड़ी है।

बीजेपी और महायुति की आंधी

मुंबई में हुए इस सियासी दंगल में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। रुझानों के मुताबिक, बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना वाली महायुति गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार करती दिख रही है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक बीजेपी खेमे में जश्न का माहौल है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर उन्हें इस बड़ी जीत की बधाई भी दे दी है। बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि पीएम मोदी के नेतृत्व पर जनता का भरोसा एक बार फिर कायम हुआ है।

ठाकरे के गढ़ में बड़ी सेंध

इस चुनाव में सबसे बड़ी परीक्षा उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की थी, जो सालों बाद एक साथ आए थे। हालांकि, रुझान बता रहे हैं कि उनके ‘मराठी कार्ड’ और पुराने गढ़ों में बीजेपी ने सेंध लगा दी है। दादर और मध्य मुंबई जैसे इलाकों में, जिन्हें कभी ठाकरे परिवार का अजेय किला माना जाता था, वहां भी महायुति के उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई है। कई पुराने पार्षदों के दल बदलने का नुकसान भी उद्धव गुट को उठाना पड़ा है।

कुछ बड़े उलटफेर और चौंकाने वाले नतीजे

नतीजों में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जिन्होंने सबको चौंका दिया। जैसे वार्ड नंबर 74 में बीजेपी की दिग्गज नेता उज्ज्वला मोडक को एमएनएस (MNS) की विद्या आर्य ने मात्र 81 वोटों से हरा दिया। वहीं, अंडरवर्ल्ड डॉन से नेता बने अरुण गवली की बेटी योगिता गवली को भी हार का सामना करना पड़ा है। दूसरी तरफ, वर्ली और बांद्रा जैसे वीआईपी इलाकों में भी मुकाबला काफी कांटे का रहा।

सड़कों और ट्रैफिक के मुद्दे पर पड़ी वोट

मुंबई की जनता ने इस बार केवल चेहरे पर नहीं, बल्कि काम पर वोट दिया है। सड़कों के गड्ढे, भारी ट्रैफिक और पानी जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर लोगों में काफी गुस्सा था। चुनाव में देरी की वजह से भी जनता चाहती थी कि जल्द से जल्द एक चुनी हुई सरकार बीएमसी का कार्यभार संभाले। फिलहाल, वोटों की गिनती जारी है और शाम तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी कि आखिर मुंबई का अगला ‘राजा’ यानी मेयर कौन बनेगा।

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