BNT Desk: तमिलनाडु में अप्रैल–मई में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। सत्तारूढ़ Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) ने Desiya Murpokku Dravida Kazhagam (DMDK) के साथ गठबंधन का ऐलान किया है। यह समझौता डीएमडीके प्रमुख प्रेमलता विजयकांत और मुख्यमंत्री M. K. Stalin की चेन्नई में मुलाकात के बाद तय हुआ।
प्रेमलता का बयान, सीट शेयरिंग बाद में
प्रेमलता विजयकांत ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि दोनों दल मिलकर “द्रविड़ मॉडल” को आगे बढ़ाएंगे। सीट बंटवारे की घोषणा बाद में की जाएगी, लेकिन उन्होंने दावा किया कि गठबंधन 200 से ज्यादा सीटें जीत सकता है।
AIADMK को झटका
यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि 2011 से डीएमडीके, All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के साथ रही है। ऐसे में यह गठबंधन मुख्यमंत्री स्टालिन के लिए बड़ी रणनीतिक जीत माना जा रहा है। AIADMK नेताओं ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह विजयकांत की विरासत के खिलाफ है।
विजयकांत की विरासत और मजबूत क्षेत्र
डीएमडीके की स्थापना 2005 में अभिनेता Vijayakanth ने की थी, जिन्हें ‘कैप्टन’ के नाम से जाना जाता था। 2011 में पार्टी ने 29 सीटें जीती थीं, लेकिन बाद के चुनावों में उसे सफलता नहीं मिली। फिर भी त्रिची, विरुधाचलम और ऋषिवंदियम जैसे इलाकों में पार्टी का प्रभाव माना जाता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह गठबंधन डीएमके के वोट बैंक को मजबूत करेगा और विपक्षी खेमे को चुनौती देगा। अब सबकी नजरें सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर हैं।