BNT Desk: दक्षिण कोरिया की राजनीति में आज एक बड़ा धमाका हुआ है। साल 2024 में लगाए गए विवादित मार्शल लॉ के मामले में अदालत ने अपना कड़ा फैसला सुना दिया है। बुधवार को सियोल की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू को विद्रोह का दोषी मानते हुए 23 साल की लंबी सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि राष्ट्रपति यून सुक योल द्वारा लगाया गया मार्शल लॉ देश के खिलाफ एक साजिश थी।
कौन हैं हान डक-सू और क्या थे आरोप?
हान डक-सू, राष्ट्रपति यून की सरकार में दूसरे सबसे बड़े पद पर तैनात थे। जब दिसंबर 2024 में देश में मार्शल लॉ लगाया गया, तब हान उन तीन मुख्य नेताओं में शामिल थे जो पूरे देश की कमान संभाल रहे थे। अदालत ने माना कि उन्होंने इस असंवैधानिक कदम में राष्ट्रपति का पूरा साथ दिया। आपको बता दें कि इस फैसले के बाद हान अब यून सरकार के पहले ऐसे बड़े अधिकारी बन गए हैं जिन्हें जेल की सजा हुई है।
राष्ट्रपति यून पर भी गिर सकती है गाज
इस फैसले ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। मार्शल लॉ के इसी संकट की वजह से यून पर पहले ही महाभियोग चलाकर उन्हें पद से हटा दिया गया था। अब उन पर भी विद्रोह की साजिश रचने का गंभीर मुकदमा चल रहा है। स्वतंत्र जांच टीम ने तो यून के लिए मौत की सजा तक की मांग कर दी है। दक्षिण कोरिया के कानून में विद्रोह को सबसे बड़ा अपराध माना जाता है।
19 फरवरी पर टिकी हैं पूरी दुनिया की नजरें
हान डक-सू को मिली इस सजा ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में पूर्व राष्ट्रपति यून का क्या हश्र होने वाला है। सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट अब 19 फरवरी को पूर्व राष्ट्रपति यून के खिलाफ अपना आखिरी फैसला सुनाएगा। पूरी दुनिया यह देख रही है कि क्या एक पूर्व राष्ट्रपति को वाकई उनके किए की इतनी कड़ी सजा मिलेगी।