BNT Desk: बांग्लादेश के मैमेनसिंह शहर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ ईशनिंदा के मामूली आरोप में 25 साल के हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की उग्र भीड़ ने सरेआम पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक के पिता रविलाल दास ने भावुक होकर बताया कि उन्हें अपने बेटे की मौत की जानकारी किसी अधिकारी ने नहीं, बल्कि फेसबुक के जरिए मिली। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन या सरकार की तरफ से अब तक परिवार को कोई मदद या सांत्वना का संदेश नहीं मिला है।
क्रूरता की सारी हदें पार
घटना वाले दिन क्या हुआ, इसकी दास्तां सुनकर रूह कांप जाती है। रविलाल दास के अनुसार, भीड़ ने पहले दीपू को पकड़ा, उसकी जमकर पिटाई की और उसके कपड़े उतार दिए। इसके बाद भीड़ उसे खींचकर चौराहे तक ले गई और एक पेड़ से बांध दिया। क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई; हमलावरों ने दीपू पर केरोसिन छिड़ककर उसे जिंदा आग के हवाले कर दिया। पिता ने बताया कि जलने के बाद उसके सिर और धड़ को वहीं बांधकर छोड़ दिया गया था ताकि लोग उसे देख सकें।
सरकार की चुप्पी और अधूरा न्याय
बेटे को खोने वाले पिता का सबसे बड़ा दर्द यह है कि सरकार की तरफ से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला है। रविलाल ने कहा, “हमें फेसबुक से पता चला कि मेरे बेटे को पीटा गया है। आधे घंटे बाद रिश्तेदारों ने बताया कि उसे पेड़ से बांधकर जला दिया गया है। यह बहुत ही भयानक मंजर था।” हालांकि, मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि इस मामले में रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
दहशत में हिंदू समुदाय
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की उम्र 19 से 46 साल के बीच है। पुलिस के मुताबिक, दीपू एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था और उस पर कथित तौर पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने हमला किया था। इस घटना के बाद से स्थानीय हिंदू समुदाय में भारी दहशत और असुरक्षा का माहौल है। पीड़ित परिवार अब बस एक ही मांग कर रहा है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो।