4300 करोड़ में बिकी पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन PIA, खरीदार का है भारत से खास कनेक्शन !

भारी कर्ज और घाटे में डूबी पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन PIA आखिरकार नीलाम हो गई है। दिग्गज कारोबारी आरिफ हबीब के ग्रुप ने इसे करीब 4300 करोड़ रुपये में खरीदा है। दिलचस्प बात यह है कि आरिफ हबीब का परिवार मूल रूप से भारत के गुजरात का रहने वाला है।

BNT
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पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) अब निजी हाथों में चली गई है। भारी घाटे और कर्ज में डूबी इस एयरलाइन को मशहूर बिजनेसमैन आरिफ हबीब के ग्रुप ने 135 अरब पाकिस्तानी रुपये (करीब 4300 करोड़ भारतीय रुपये) में खरीद लिया है। मंगलवार को इस्लामाबाद में हुई एक खुली नीलामी में आरिफ हबीब ग्रुप ने सबसे ऊंची बोली लगाकर बाजी मारी। कभी दुनिया भर में अपनी धाक जमाने वाली यह एयरलाइन पिछले कई सालों से मैनेजमेंट की गलतियों और अरबों के घाटे से जूझ रही थी, जिसके बाद शहबाज शरीफ सरकार को इसे बेचने का फैसला करना पड़ा।

कौन हैं आरिफ हबीब और क्या है इनका भारत से नाता?

PIA को खरीदने वाले आरिफ हबीब पाकिस्तान के सबसे अमीर और प्रभावशाली बिजनेसमैन में से एक हैं। वे आरिफ हबीब ग्रुप के फाउंडर और CEO हैं। दिलचस्प बात यह है कि आरिफ हबीब का भारत से बहुत गहरा नाता है। बंटवारे से पहले उनका परिवार भारत के गुजरात राज्य के ‘बंटवा’ में रहता था और चाय का कारोबार करता था। आजादी के समय हुए विभाजन के दौरान उनका परिवार पाकिस्तान चला गया था। कराची में जन्मे आरिफ हबीब ने बेहद तंगी के दिनों से अपना सफर शुरू किया और आज वे पाकिस्तान के एक बड़े बिजनेस लीडर बन चुके हैं।

नीलामी की पूरी कहानी और शर्तें

इस बड़ी डील के लिए तीन मुख्य दावेदारों—आरिफ हबीब ग्रुप, लकी सीमेंट और एयरब्लू के बीच मुकाबला था। कड़ी टक्कर के बाद आरिफ हबीब ने 135 अरब रुपये की अंतिम बोली लगाई। सौदे के मुताबिक, सरकार ने फिलहाल PIA की 75% हिस्सेदारी बेची है, जबकि बाकी 25% हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प भी खरीदार के पास होगा। खास बात यह है कि इस बिक्री से मिलने वाली रकम का 92.5% हिस्सा वापस एयरलाइन को सुधारने में लगाया जाएगा, जबकि सरकार के हिस्से में केवल 7.5% पैसा आएगा।

पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा सौदा

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस डील को पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा और पारदर्शी लेनदेन बताया है। 72 साल के आरिफ हबीब, जिन्हें डूबती कंपनियों को मुनाफे में लाने का एक्सपर्ट माना जाता है, उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी। उन्हें अगले 5 सालों में एयरलाइन में 80 अरब रुपये का अतिरिक्त निवेश भी करना होगा। अब देखना यह है कि जिस एयरलाइन को सरकार नहीं चला पाई, क्या गुजरात की जड़ों वाले आरिफ हबीब उसे फिर से आसमान की ऊंचाइयों पर पहुंचा पाएंगे?

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