BNT Desk: कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी सांसद शीतकालीन सत्र के पहले दिन अपने पालतू कुत्ते के साथ संसद परिसर में पहुंचीं। इस कदम ने तुरंत चर्चा और हलचल पैदा कर दी। सांसदों और स्टाफ ने देखते ही चौंक कर सवाल उठाए कि क्या ऐसा करना सही है।
चौधरी का जवाब और तंज
इस पर चौधरी ने कहा कि उनका कुत्ता किसी को काटेगा नहीं और उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “काटने वाले तो संसद में बैठे हैं।” उनका इशारा सांसद में मौजूद नेताओं और उनकी राजनीति की ओर था। चौधरी का कहना था कि उनका कुत्ता सिर्फ उनके साथ था और किसी के लिए खतरा नहीं था।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा ने इस घटना पर तुरंत विरोध जताया। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि सांसद में पालतू जानवर लाना नियमों और मर्यादा के खिलाफ है। भाजपा ने इसे ‘ड्रामा’ और सदन की गरिमा के उल्लंघन के रूप में देखा और चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विवाद और राजनीतिक असर
इस घटना ने सांसद के प्रोटोकॉल और राजनीतिक संस्कृति पर बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे विपक्ष द्वारा सरकार पर ध्यान आकर्षित करने की रणनीति मान रहे हैं। वहीं कुछ का कहना है कि अगर नियम स्पष्ट नहीं हैं, तो इसे लेकर बहस की बजाय नए प्रोटोकॉल बनाने की जरूरत है।