शाही परिवार में हड़कंप: 65वें जन्मदिन पर गिरफ्तार हुए एंड्रयू, हो सकती है उम्रकैद

ब्रिटेन के एंड्रयू को सार्वजनिक पद के दुरुपयोग के आरोप में सैंड्रिंघम से गिरफ्तार किया गया है। उन पर जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़े गंभीर आरोप हैं। किंग चार्ल्स और पीएम स्टार्मर ने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है। दोषी पाए जाने पर उन्हें उम्रकैद की सजा हो सकती है।

BNT
By
2 Min Read

BNT Desk: ब्रिटेन के दिवंगत महारानी एलिजाबेथ के दूसरे बेटे एंड्रयू को उनके 65वें जन्मदिन के दिन सैंड्रिंघम स्थित आवास से हिरासत में लिया गया। उन पर ‘सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार’ (Misconduct in Public Office) का गंभीर आरोप लगा है। यह गिरफ्तारी तब हुई है जब वह ब्रिटेन के व्यापार दूत (Trade Envoy) के रूप में कार्यरत थे।

विवादों का पुराना नाता (एपस्टीन और गिफ्रे मामला)

यह मामला नया नहीं है, बल्कि इसके तार अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ एंड्रयू की पुरानी दोस्ती से जुड़े हैं। उन पर वर्जीनिया गिफ्रे द्वारा यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे। पिछले साल (अप्रैल 2025) गिफ्रे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इस मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है। पुलिस अब उन सबूतों की जांच कर रही है जो एंड्रयू के आधिकारिक पद के दुरुपयोग की ओर इशारा करते हैं।

कानूनी परिणाम और सजा का प्रावधान

इंग्लैंड के कानून के तहत, सार्वजनिक पद पर रहते हुए जानबूझकर किया गया गलत काम एक अक्षम्य अपराध है।

  1. सजा: यदि आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो उन्हें अधिकतम उम्रकैद तक हो सकती है।
  2. हिरासत: पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए 96 घंटों तक अपनी कस्टडी में रख सकती है।

शाही परिवार और सरकार का रुख

किंग चार्ल्स और प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर दोनों ने स्पष्ट कर दिया है कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है।” किंग चार्ल्स ने भाई के प्रति चिंता तो जताई, लेकिन जांच की निष्पक्षता का समर्थन किया। एंड्रयू पहले ही अपने ‘प्रिंस’ और ‘ड्यूक ऑफ यॉर्क’ जैसे शाही खिताब और सैन्य सम्मान खो चुके हैं। अब उन्हें एक आम नागरिक की तरह कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।

Share This Article