BNT Desk: लल्लनटॉप और इंडिया टुडे हिंदी के एडिटर सौरभ द्विवेदी अब इंडिया टुडे ग्रुप डिजिटल से आगे बढ़ रहे हैं। ग्रुप की ओर से जारी बयान में बताया गया कि 12 वर्षों के लंबे जुड़ाव के बाद सौरभ द्विवेदी संगठन से विदा ले रहे हैं। उनका जाना इंडिया टुडे ग्रुप के लिए एक अहम दौर के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
आज़तक डॉट इन से लल्लनटॉप तक का सफर
सौरभ द्विवेदी ने अपने करियर की शुरुआत इंडिया टुडे ग्रुप में aajtak.in के फीचर्स एडिटर के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार कमलेश के साथ मिलकर लल्लनटॉप की नींव रखी। उनके नेतृत्व में लल्लनटॉप एक मजबूत और भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म बनकर उभरा।
युवाओं की आवाज बना लल्लनटॉप
सौरभ द्विवेदी की अगुवाई में लल्लनटॉप ने खास तौर पर देश के युवाओं और हिंदी भाषी दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई। आज लल्लनटॉप के यूट्यूब पर करीब 3.5 करोड़ सब्सक्राइबर हैं और बीते महीने इसे 25 करोड़ से ज्यादा व्यूज़ मिले। यह मंच एक वैकल्पिक और विश्वसनीय समाचार स्रोत के रूप में जाना जाने लगा।
नए अवसरों की तलाश में आगे बढ़े सौरभ
इंडिया टुडे ग्रुप ने बताया कि सौरभ द्विवेदी अब नए अवसरों की तलाश में आगे बढ़ रहे हैं। वे ऐसे रचनात्मक और नए माध्यमों में काम करना चाहते हैं, जो फिलहाल ग्रुप के दायरे में शामिल नहीं हैं।
लल्लनटॉप में नेतृत्व बदलाव
नेतृत्व परिवर्तन के तहत अब कुलदीप मिश्रा लल्लनटॉप की एडिटोरियल टीम की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि राजत साईं प्रोडक्शन टीम का नेतृत्व करेंगे। दोनों ही लल्लनटॉप की फाउंडिंग टीम का हिस्सा रहे हैं।
नई पीढ़ी को सौंपी कमान
इंडिया टुडे ग्रुप ने कहा कि यह बदलाव संगठन में पीढ़ीगत नेतृत्व परिवर्तन को दर्शाता है। ग्रुप ने सौरभ द्विवेदी के योगदान की सराहना करते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उनके अगले कदम को लेकर उम्मीद जताई है।