औद्योगिक डीजल 24 रुपये महंगा: 91.80 से बढ़कर 115.95 रुपये प्रति लीटर हुई कीमत, आम उपभोक्ता फिलहाल राहत में

BNT
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देश की राजधानी समेत कई राज्यों में पेट्रोलियम कंपनियों ने औद्योगिक उपयोग वाले डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया है। एक झटके में करीब 24 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद औद्योगिक डीजल की कीमत 91.80 रुपये से बढ़कर 115.95 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह बढ़ोतरी आम पेट्रोल पंपों पर नहीं, बल्कि सीधे पेट्रोलियम कंपनियों से बिलिंग लेने वाले बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं पर लागू होगी।


किन उपभोक्ताओं पर लागू होंगी नई दरें?

पेट्रोलियम कंपनियों के अनुसार, बढ़ी हुई दरें केवल उन उपभोक्ताओं पर प्रभावी होंगी जिन्हें सीधे कंपनियों के माध्यम से बिलिंग की जाती है। इसमें मुख्य रूप से रेलवे, रक्षा क्षेत्र, खनन उद्योग और बड़ी निर्माण कंपनियां शामिल हैं। ये संस्थाएं बड़े पैमाने पर डीजल की खपत करती हैं और इनकी आपूर्ति पेट्रोल पंपों के बजाय सीधे तेल कंपनियों से होती है।

औद्योगिक डीजल का उपयोग मुख्यतः भारी मशीनरी चलाने, खनन कार्यों, रेलवे इंजनों, सेना के वाहनों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में किया जाता है। इसलिए इस बढ़ोतरी का असर व्यापक औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ना तय माना जा रहा है।


क्यों बढ़ाई गई कीमतें?

सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्ध और वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर बढ़ते दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण पेट्रोलियम कंपनियों पर लागत का बोझ बढ़ता जा रहा था। इसी को देखते हुए औद्योगिक डीजल की कीमतों में संशोधन किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले महीनों में और भी मूल्य संशोधन देखने को मिल सकते हैं।


उद्योग जगत पर क्या पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर निर्माण, खनन और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की उत्पादन लागत पर पड़ेगा। जब उत्पादन लागत बढ़ती है, तो उसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। यही कारण है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो सकती हैं। निर्माण सामग्री, परिवहन लागत और भारी उपकरणों से जुड़ी सेवाएं महंगी हो सकती हैं।


आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत

राहत की बात यह है कि अभी खुदरा पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बिहार सहित अधिकांश राज्यों में आम उपभोक्ताओं के लिए सामान्य डीजल-पेट्रोल की दरें यथावत बनी हुई हैं। हालांकि प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी जरूर की गई है, जिसका असर उन वाहन चालकों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम ईंधन का उपयोग करते हैं।


ग्राहकों में बढ़ी बेचैनी, पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़

इस खबर के सामने आते ही आम जनता में यह आशंका फैल गई कि जल्द ही सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ाई जा सकती हैं। इस डर से कई लोग अपने वाहन लेकर पेट्रोल पंप पहुंच गए और टंकी फुल करवा ली। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।

हालांकि सरकार और तेल कंपनियों की ओर से अभी तक खुदरा कीमतें बढ़ाने का कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। फिर भी जानकारों का कहना है कि वैश्विक हालात को देखते हुए आम उपभोक्ताओं को पूरी तरह निश्चिंत नहीं रहना चाहिए और आने वाले दिनों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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