बांग्लादेश में पिछले साल जुलाई में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने राजनीतिक माहौल को गहरा झटका दिया था। हत्या के बाद हिंसा की श्रृंखला शुरू हो गई और देश में तनाव लगातार बढ़ता गया। हादी का भाई उमर हादी अब इस हत्या के मामले में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि हत्या का उद्देश्य आने वाले 12 फरवरी 2026 के आम चुनाव को प्रभावित करना था।
उस्मान हादी की हत्या और राजनीतिक तनाव
शरीफ उस्मान हादी, जो इंकलाब मंच के संयोजक थे, ढाका में एक मस्जिद से बाहर निकलते समय गोली मार दी गई थीं। कुछ दिनों बाद उनका इलाज सिंगापुर के अस्पताल में असफल रहा और उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे बांग्लादेश में विरोध और गुस्सा भड़काया। उमर हादी का कहना है कि सरकार के अंदर कुछ गुटों ने चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए यह हत्या करवाई।
शेख हसीना जैसा होगा हश्र
उमर हादी ने चेतावनी दी है कि यदि उनके भाई के हत्यारों के खिलाफ तेज़ और निष्पक्ष मुकदमा नहीं चलाया गया, तो यूनुस सरकार को भी वही हश्र भुगतना पड़ेगा जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, और यदि न्याय नहीं मिला, तो यूनुस को बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ेगा।
चुनाव और न्याय की चुनौती
उमर हादी का कहना है कि हत्या और न्याय में देरी से देश में लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि आने वाले चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें। इस चेतावनी ने देश में राजनीतिक अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।