हादी मर्डर केस: पुलिस की चार्जशीट पर उठा सवाल, क्या असली कातिलों को बचा रही है सरकार?

बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया है। 'इंकलाब मंच' ने पुलिस की चार्जशीट को अधूरा बताते हुए बड़े साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में भारत पर लगे आरोपों को नई दिल्ली ने पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।

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BNT Desk: ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश के चर्चित छात्र नेता और ‘इंकलाब मंच’ के सक्रिय कार्यकर्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने देश में एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। 32 वर्षीय हादी, जो 2024 के जनआंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे, उनकी मौत के बाद अब उनके संगठन और बांग्लादेश सरकार के बीच ठन गई है। पुलिस की हालिया चार्जशीट को लेकर ‘इंकलाब मंच’ ने गंभीर सवाल उठाए हैं और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

क्या है पूरा मामला?

शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मार दी गई थी। उनकी हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें एयरलिफ्ट करके सिंगापुर ले जाया गया, जहाँ 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। ढाका पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें मुख्य आरोपी के रूप में फैसल करीम मसूद और साजिशकर्ता के तौर पर पूर्व वार्ड पार्षद तैजुल इस्लाम चौधरी (बप्पी) का नाम है। पुलिस का कहना है कि यह हत्या राजनीतिक रंजिश की वजह से की गई थी।

चार्जशीट पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

हादी के संगठन ‘इंकलाब मंच’ ने पुलिस की इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। संगठन के सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर का कहना है कि इतने बड़े राष्ट्रीय नेता की हत्या सिर्फ एक वार्ड पार्षद के इशारे पर नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हत्या के पीछे राज्य तंत्र और बड़ी मछलियाँ शामिल हैं, जिन्हें पुलिस बचाने की कोशिश कर रही है। जाबेर ने चेतावनी दी कि अगर असली गुनहगारों को सजा नहीं मिली, तो संगठन “खून का बदला खून” से लेने के लिए मजबूर होगा।

भारत का नाम आने पर दिल्ली की प्रतिक्रिया

इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कुछ समूहों ने हादी की हत्या में ‘भारतीय प्रभाव’ होने का दावा किया। हालांकि, भारत सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था वहाँ की सरकार की जिम्मेदारी है और भारत को इसमें घसीटना गलत है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह पड़ोसी देश में केवल शांति और स्थिरता का समर्थक है।

आरोपियों के भागने पर सस्पेंस

एक और विवाद आरोपियों के ठिकाने को लेकर है। ढाका पुलिस का दावा है कि आरोपी मसूद और शेख सीमा पार कर भारत के मेघालय राज्य में घुस गए हैं। लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों (BSF और मेघालय पुलिस) ने इस दावे को पूरी तरह नकार दिया है। एजेंसियों का कहना है कि सीमा पर ऐसी किसी भी घुसपैठ के सबूत नहीं मिले हैं। फिलहाल, बांग्लादेश में तनाव बरकरार है और इंकलाब मंच ने ‘मार्च फॉर जस्टिस’ के जरिए अपना आंदोलन और तेज करने का फैसला किया है।

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