BNT Desk: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में देश का केंद्रीय बजट 2026-2027 पेश कर दिया है। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि इसे पहली बार नए ‘कर्तव्य भवन’ में तैयार किया गया है। सरकार ने इस बार ‘3 कर्तव्य’ की थीम पर जोर दिया है, जिसका मकसद आर्थिक विकास को तेज करना, लोगों की उम्मीदों को पूरा करना और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सपने को सच करना है। इस बजट का सीधा लक्ष्य भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना और आम आदमी की सुविधाओं में सुधार करना है।
सेहत और शिक्षा पर बड़ा दांव: बनेंगे 5 नए मेडिकल हब
सरकार ने जनता की सेहत और बेहतर भविष्य के लिए बड़े एलान किए हैं। देशभर में 5 नए रीजनल मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिससे न सिर्फ इलाज आसान होगा बल्कि मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। युवाओं के लिए खुशखबरी यह है कि एनिमेशन, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर में करियर बनाने के लिए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में लैब बनाई जाएंगी। साथ ही, पशुपालन क्षेत्र में सुधार के लिए नए वेटरनरी कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे 20,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे।
किसानों और छोटे कारोबारियों को मिला ‘AI’ का साथ
खेती-किसानी को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार ने ‘भारत-विस्तार’ (Bharat-VISTAAR) नाम का एक जादुई AI टूल लॉन्च किया है। यह टूल किसानों को उनकी भाषा में सलाह देगा कि कब और कैसे खेती करनी है। वहीं, छोटे उद्योगों (MSMEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का स्पेशल फंड बनाया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ प्रोग्राम के तहत ‘SHE Marts’ यानी रिटेल आउटलेट्स खोले जाएंगे, जहाँ महिलाएं अपने बनाए उत्पादों को सीधे बेच सकेंगी।
रफ्तार पकड़ेगी देश की अर्थव्यवस्था: हाई-स्पीड ट्रेन और नए कॉरिडोर
सफर को आसान और व्यापार को तेज करने के लिए सरकार ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है। ये कॉरिडोर मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और दिल्ली-वाराणसी जैसे बड़े शहरों को आपस में जोड़ेंगे। इसके अलावा, माल ढुलाई के लिए नए फ्रेट कॉरिडोर और 20 नए जलमार्ग (Waterways) भी शुरू किए जाएंगे। बजट के आंकड़ों की बात करें तो सरकार ने इस साल राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को GDP का 4.3% रखने का लक्ष्य रखा है, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
मैन्युफैक्चरिंग और टेक्सटाइल पर जोर
बजट में 7 खास क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। ‘बायोफार्मा शक्ति’ मिशन के लिए 10,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं, ताकि भारत दवाइयों के मामले में दुनिया का नंबर वन हब बन सके। कपड़ा उद्योग के लिए ‘नेशनल फाइबर स्कीम’ शुरू की गई है, जिससे बुनकरों और कारीगरों को आधुनिक मशीनें और नई तकनीक मिल सकेगी। कुल मिलाकर, यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और आम इंसान की जरूरतों के बीच एक तालमेल बैठाने की कोशिश है।