BNT Desk: पड़ोसी देश बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों से भारी तनाव और हिंसा का माहौल बना हुआ है। यह बवाल ‘इंकलाब मंच’ के नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद और बढ़ गया है। उस्मान हादी वही शख्स था जिसने ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का विवादित नक्शा जारी कर भारत की अखंडता को चुनौती दी थी। हादी की मौत के बाद ढाका समेत कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं और प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग पर पत्थरबाजी तक की है।
क्या है ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का विवादित नक्शा?
शरीफ उस्मान हादी ने अगस्त 2025 में ढाका यूनिवर्सिटी में एक प्रदर्शनी के दौरान ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का एक नक्शा पेश किया था। इस नक्शे में न केवल वर्तमान बांग्लादेश, बल्कि भारत के कई राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, झारखंड, त्रिपुरा और ओडिशा के बड़े हिस्सों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था। इसके अलावा म्यांमार का अराकान क्षेत्र भी इसमें शामिल था। हादी का दावा था कि वह पुराने ‘सल्तनत-ए-बांग्ला’ (1352-1538 ई.) वाले दौर को वापस लाना चाहता है।
भारत के खिलाफ जहर उगलता था हादी
34 साल का उस्मान हादी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा था। वह खुद को बांग्लादेश की आजादी का रक्षक बताता था, लेकिन हकीकत में वह नई दिल्ली के खिलाफ अक्सर जहर उगलता रहता था। उसका संगठन ‘इंकलाब मंच’ पूरी तरह से भारत विरोधी विचारधारा पर टिका है। जानकारों का मानना है कि इस कट्टरपंथी सोच के पीछे तुर्की के कुछ एनजीओ और चीन-पाकिस्तान का भी हाथ हो सकता है, जो इस क्षेत्र में भारत के प्रभाव को कम करना चाहते हैं।
भारत सरकार की बढ़ी चिंता
इस पूरे मामले पर भारत सरकार ने कड़ी नजर बना रखी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का मामला बताया है। एक तरफ जहाँ चीन बांग्लादेश में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कट्टरपंथी समूहों द्वारा भारतीय सीमाओं को निशाना बनाने की बातें की जा रही हैं। फिलहाल बांग्लादेश में तनाव जारी है और वहाँ के हालात क्षेत्रीय शांति के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।