BNT Desk: प्रयागराज के पावन त्रिवेणी संगम तट पर 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले का भव्य शुभारंभ पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान के साथ हो गया है। पहले स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति का जीवंत प्रतीक है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, रिकॉर्ड संख्या में स्नान
माघ मेला अधिकारी ऋषि राज के अनुसार, सुबह 8 बजे तक करीब 6 लाख 50 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। पूरे दिन 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। प्रशासन का अनुमान है कि 44 दिनों में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक मेले में शामिल होंगे, जबकि लगभग 20 लाख कल्पवासी संगम तट पर कल्पवास करेंगे।
सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। एटीएस, एसटीएफ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती की गई है। ड्रोन, सीसीटीवी, वॉच टावर और आधुनिक निगरानी प्रणाली से पूरे मेले पर नजर रखी जा रही है।
यातायात, आवागमन और सुविधाएं
मेले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। संगम और फाफामऊ क्षेत्र में कुल नौ पांटून पुल बनाए गए हैं, जिन पर वन-वे व्यवस्था लागू है। श्रद्धालुओं के लिए 3800 रोडवेज बसें, ई-बसें और ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। रेलवे ने भी स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है। चेंजिंग रूम, हेल्प डेस्क, फायर स्टेशन और हजारों सफाईकर्मी तैनात हैं।
आकर्षण और प्रमुख स्नान पर्व
इस बार माघ मेले में हेलीकॉप्टर सेवा और पैरा ग्लाइडिंग नया आकर्षण होंगी। माघ मेले में छह प्रमुख स्नान पर्व 3, 14, 18, 23 जनवरी, 1 और 15 फरवरी को पड़ेंगे। संगम तट पर आस्था, परंपरा और सुरक्षा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।