BNT Desk: न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज़ को जीत के लिए 531 रनों का बहुत बड़ा लक्ष्य दिया था। पहली पारी में वेस्टइंडीज़ सिर्फ 167 रन पर आउट हो गई थी, जिससे लग रहा था कि मैच जल्दी खत्म हो जाएगा। लेकिन चौथी पारी में टीम ने उम्मीद से ज्यादा बेहतरीन खेल दिखाया और 457/6 तक पहुँचकर मैच ड्रॉ करा लिया। यह टेस्ट इतिहास में चौथी पारी का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।
जस्टिन ग्रीव्स का कमाल — दोहरा शतक
वेस्टइंडीज़ को बचाने में सबसे बड़ा योगदान जस्टिन ग्रीव्स का रहा। उन्होंने 388 गेंद खेलकर नाबाद 202 रन बनाए। यह उनका पहला टेस्ट दोहरा शतक है। शुरुआत में टीम मुश्किल में थी, लेकिन ग्रीव्स ने शाई होप के साथ 196 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर मैच की तस्वीर बदल दी। उनकी पारी ने टीम को मजबूती दी और जीत का रास्ता भले न खुला, पर हार भी नहीं होने दी।
रोच और ग्रीव्स ने आखिरी तक पारी संभाली
जब शाई होप आउट हुए और टीम फिर दबाव में आ गई, तब केमार रोच ग्रीव्स के साथ डटकर खड़े रहे। दोनों ने सातवें विकेट के लिए 180 रनों की नाबाद साझेदारी की। रोच 58* पर नाबाद रहे। उनकी इस साझेदारी ने वेस्टइंडीज़ को आखिरी तक टिकाए रखा और न्यूजीलैंड को जीत से रोक दिया। मैदान पर यह साझेदारी मैच का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई।
रिकॉर्ड भी बने और सम्मान भी मिला
वेस्टइंडीज़ का 457/6 का स्कोर चौथी पारी में टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया। इससे पहले 1939 में इंग्लैंड ने 654/5 बनाए थे। इसके अलावा, वेस्टइंडीज़ ने 163 से ज्यादा ओवर बल्लेबाज़ी कर इस सदी की चौथी पारी में सबसे लंबी पारी खेलने वालों में जगह बनाई। जस्टिन ग्रीव्स उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने टेस्ट की चौथी पारी में दोहरा शतक लगाया है।