शरीर पर बोतलें और ऊपर से जैकेट!lसीतामढ़ी में 'चलती-फिरती शराब फैक्ट्री' का भंडाफोड़

बिहार के सीतामढ़ी में पुलिस ने शरीर पर टेप से शराब की बोतलें चिपकाकर तस्करी कर रहे दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। नेपाल से शराब ला रहे इन तस्करों ने भारी जैकेट के अंदर शराब छिपाई थी। पुलिस ने इस 'चलती-फिरती शराब फैक्ट्री' का भंडाफोड़ कर दोनों को जेल भेज दिया है।

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BNT Desk: बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए पुलिस सख्त है, तो शराब तस्कर भी नए-नए पैंतरे आज़माने से बाज नहीं आ रहे। ताज़ा मामला सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस ने दो ऐसे तस्करों को पकड़ा है जिन्हें देखकर खुद पुलिस भी हैरान रह गई। ये तस्कर अपने शरीर पर शराब की बोतलें टेप से चिपकाकर तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने इन्हें ‘चलती-फिरती शराब की फैक्ट्री’ करार दिया है।

ठंड का फायदा उठाकर शरीर को बनाया ‘गोदाम’

पकड़े गए तस्करों ने शराब छिपाने का ऐसा जुगाड़ निकाला कि पहली नज़र में कोई पहचान ही न पाए। कड़ाके की ठंड का फायदा उठाते हुए इन लोगों ने अपने शरीर के अगले और पिछले हिस्से में शराब की दर्जनों बोतलें सेलो टेप की मदद से चिपका रखी थीं। ऊपर से भारी-भरकम जैकेट पहन ली थी ताकि किसी को शक न हो। लेकिन रीगा पुलिस की पैनी नजरों से ये बच नहीं सके और चेकिंग के दौरान धरे गए।

नेपाल से तस्करी कर ला रहे थे खेप

डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को शराब माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में सघन चेकिंग की जा रही थी। पकड़े गए तस्करों की पहचान डुमरी कला के रौशन कुमार सिंह और उसके साथी के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला है कि ये लोग नेपाल से शराब की बोतलें शरीर पर बांधकर सीतामढ़ी के इलाकों में सप्लाई करने आ रहे थे।

पुलिस की सख्ती और तस्करों की नई तरकीबें

बिहार में शराब तस्करी के लिए कभी एम्बुलेंस तो कभी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता रहा है, लेकिन शरीर पर बोतलें बांधकर तस्करी का यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस ने दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि इनके पीछे और कौन-कौन से बड़े खिलाड़ी शामिल हैं।

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