BNT Desk: पटना के सगुना मोड़ और रूपसपुर इलाके में चल रहे अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने 15 महिलाओं और 7 पुरुषों सहित कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भले लोगों को ठगने का काम कर रहे थे।
गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि सगुना मोड़ के आसपास के रिहायशी इलाकों में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। साइबर DSP संगीता के नेतृत्व में आर्थिक अपराध इकाई ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने सबसे पहले सूचना की पुष्टि की और फिर पूरी प्लानिंग के साथ अलग-अलग इलाकों में दबिश दी। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से कॉल सेंटर में काम कर रहे लोगों के बीच हड़कंप मच गया और किसी को भागने का मौका नहीं मिला।
इन तीन ठिकानों पर चला पुलिस का डंडा
पुलिस ने अपनी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई थीं। छापेमारी मुख्य रूप से लखनकुटीर, वेदनगर और सौभाग्य शर्मा पथ स्थित ठिकानों पर की गई। इन जगहों पर अवैध रूप से सेटअप तैयार कर लोगों को चूना लगाया जा रहा था। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क और कहां-कहां फैला हुआ है और इसके पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है।
भारी मात्रा में गैजेट्स और ATM बरामद
छापेमारी के दौरान मौके से जो सामान मिला है, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं। जांच टीम ने वहां से 19 लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, 53 मोबाइल और 12 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा कई अन्य दस्तावेज और बैंक से जुड़े सामान भी जप्त किए गए हैं। पुलिस इन डिवाइस की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई है और कितनी रकम का हेरफेर हुआ है।
साइबर DSP ने दी कड़ी चेतावनी
मामले की जानकारी देते हुए साइबर DSP संगीता ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात कॉल या लालच भरे ऑफर्स के झांसे में न आएं। पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे उम्मीद है कि शहर में चल रहे अन्य अवैध कॉल सेंटरों का भी जल्द खुलासा होगा।