BNT Desk: बिहार के नालंदा जिले में अपराधी कितने बेखौफ हैं, इसका ताजा उदाहरण सिलाव थाना क्षेत्र में देखने को मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे को लेकर पूरा जिला जहां सुरक्षा छावनी में तब्दील है, वहीं बदमाशों ने सिलाव की मस्जिद गली में सरेआम गोलीबारी कर पुलिस की मुस्तैदी को चुनौती दे दी है। इस पूरी घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसने इलाके में दहशत फैला दी है।
आपसी वर्चस्व में चलीं गोलियां, घरों में दुबके लोग
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को सिलाव के मस्जिद गली इलाके में दो गुटों के बीच आपसी वर्चस्व को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बदमाशों ने हथियार निकाल लिए और फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी की आवाज से पूरा मोहल्ला थर्रा उठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गोलियों की तड़तड़ाहट सुनते ही बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर घरों में दुबक गए। गनीमत यह रही कि इस अंधाधुंध फायरिंग में किसी को गोली नहीं लगी और कोई हताहत नहीं हुआ।
पुलिसिया कार्रवाई: घटना स्थल से खोखा बरामद
फायरिंग की सूचना मिलते ही सिलाव थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही बदमाश मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर छानबीन शुरू की, जिसमें घटनास्थल से दो खोखा (कारतूस के खाली खोल) बरामद किए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि:
“मस्जिद गली में गोलीबारी की सूचना प्राप्त हुई थी। थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और बदमाशों की पहचान के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
राष्ट्रपति के दौरे के बीच सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि कल यानी 31 मार्च को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नालंदा आ रही हैं। वे नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर राजगीर, सिलाव और पावापुरी समेत पूरे रूट पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती है और होटलों से लेकर धर्मशालाओं तक की चेकिंग की जा रही है।
ऐसे संवेदनशील समय में, सुरक्षा घेरे के इतने करीब सरेआम गोलीबारी होना पुलिस प्रशासन के इकबाल पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी रोष है कि जब वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान भी अपराधी बेखौफ हैं, तो आम दिनों में उनकी सुरक्षा का क्या होगा।
लाइव वीडियो से होगी पहचान
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लाइव वीडियो में बदमाशों को हथियार लहराते और फायरिंग करते देखा जा सकता है। पुलिस इस वीडियो को कब्जे में लेकर तकनीकी जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो वीडियो के आधार पर कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों से बचें।