BNT Desk: बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद जहां एक ओर शराब की बिक्री पर रोक है, वहीं दूसरी ओर ‘सूखे नशे’ का काला कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। इसी कड़ी में मुंगेर जिले की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तारापुर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर एक महिला समेत सात तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके के नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर छापेमारी
तारापुर एएसपी सह एसडीपीओ संकेत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ युवक स्मैक की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम गठित कर छापेमारी शुरू की गई। पहली कार्रवाई शहीद चौक के पास हुई, जहां दो युवकों को स्मैक के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने ग्राम बिहमा के विसहरी और गाजीपुर मैदान में छापेमारी की। यहां से स्मैक के धंधे में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
महिला तस्कर भी गिरफ्तार
इसी दौरान एक अन्य सूचना पर मोहनगंज गांव में छापेमारी की गई। वहां से पुलिस ने 503 ग्राम गांजा बरामद किया और एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से कुल 20.09 ग्राम चरस, आधा किलो से अधिक गांजा और 11,060 रुपये नकद बरामद किए हैं।
‘उड़ता पंजाब’ जैसी स्थिति का खतरा?
यह घटना एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि क्या बिहार भी अब ‘उड़ता पंजाब’ की राह पर बढ़ रहा है? बिहार में शराबबंदी के बाद युवाओं में स्मैक, चरस और गांजे जैसे मादक पदार्थों की लत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लगातार हो रही गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि सूखे नशे का नेटवर्क अब शहरों के साथ-साथ गांवों तक फैल चुका है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
फिलहाल तारापुर थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे के दलदल से बचाने के लिए आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे नशा तस्करों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।