जमुई: जन्मदिन पर मासूम के साथ भयानक हादसा: पुआल में लगी आग, 3 साल के शिवम की जलकर मौत

बिहार के जमुई में दिल दहला देने वाली घटना हुई। बग्घो गांव में 3 साल के शिवम की जन्मदिन वाले दिन खलिहान के पुआल में अचानक आग लगने से जलकर मौत हो गई। अन्य तीन बच्चों ने भागकर जान बचाई, पर शिवम आग की लपटों में घिर गया। पूरे गांव में मातम पसरा है।

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BNT Desk: बिहार के जमुई जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। रविवार को एक तीन साल के मासूम बच्चे शिवम की पुआल में अचानक आग लगने से जलकर मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। हादसा बीचकोड़वा थाना क्षेत्र के बग्घो गांव में दोपहर करीब तीन बजे हुआ। शिवम के परिवार के लिए यह दिन खुशियों से भरा होना था, क्योंकि आज ही उसका तीसरा जन्मदिन था, लेकिन अब जन्मदिन की खुशियां पल भर में चीखों और आंसूओं में बदल गई हैं।

पुआल के ढेर के पास खेल रहे थे चार मासूम

मृत बालक की पहचान बग्घो गांव निवासी प्रकाश पंडित के बेटे शिवम कुमार के रूप में हुई है। शिवम के पिता प्रकाश पंडित मुंबई में काम करते हैं और इस समय वहीं पर हैं। परिजनों ने बताया कि रविवार दोपहर बाद शिवम अपने पड़ोस के तीन और बच्चों के साथ घर के पास ही खलिहान में रखे पुआल के ढेर के पास खेल रहा था। इसी दौरान, किसी वजह से पुआल में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

तीन बच्चों ने बचाई जान, शिवम आग की लपटों में फंसा

शिवम के साथ खेल रहे बाकी तीन बच्चे तो किसी तरह आग की लपटों से बचकर भाग निकले और अपनी जान बचाई। लेकिन, मासूम शिवम आग की तेज लपटों में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। बच्चों के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर दौड़े और बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग बुझने तक शिवम पूरी तरह से जल चुका था और उसकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस पहुंची, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

घटना की सूचना मिलते ही बीचकोड़वा थानाध्यक्ष राहुल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की, लेकिन दुख में डूबे परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक के परिवार ने शव को ले जाने नहीं दिया। इस दुखद हादसे के बाद से पूरे बग्घो गांव में शोक का माहौल है। बच्चे की जन्मदिन के दिन हुई मौत से परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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