बिहार के कैमूर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ भभुआ शहर में रविवार शाम को एक महिला सिपाही के साथ चलती ऑटो में न केवल छेड़खानी की गई, बल्कि विरोध करने पर उसे जान से मारने की कोशिश भी हुई। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर वारदात को अंजाम देने वाला शख्स कोई और नहीं, बल्कि भारतीय सेना का एक जवान सुमित चतुर्वेदी है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है।
ऑटो से पुलिस लाइन तक पीछा और हमला
पीड़ित महिला सिपाही, जो कैमूर के ही एक थाने में तैनात है, शाम करीब 6 बजे ऑटो से जेपी चौक से एकता चौक की तरफ जा रही थी। आरोप है कि उसी ऑटो में सवार सुमित चतुर्वेदी उसके साथ गंदी हरकतें करने लगा। खुद को बचाने के लिए महिला सिपाही पुलिस लाइन गेट के पास ऑटो से उतरकर अपनी सहेली के बैरक की तरफ भागी। लेकिन आरोपी का हौसला इतना बुलंद था कि वह वहां भी पहुंच गया और गाली-गलौज करते हुए सिपाही पर हमला कर दिया।
मफलर से गला कसा, मुंह से निकलने लगा खून
पीड़िता ने आपबीती बताते हुए कहा कि सुमित ने उसे लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, जान लेने की नीयत से उसने महिला सिपाही के गले में मफलर डालकर उसे तेजी से खींचना शुरू कर दिया। हमले की वजह से सिपाही के सिर, पीठ और मुंह से खून निकलने लगा। जब वह जोर से चिल्लाई, तब आसपास के लोग इकट्ठा हुए और उसकी जान बच सकी। लोगों ने आरोपी को दबोच लिया, हालांकि पकड़े जाने के बाद भी वह जान से मारने की धमकियां देता रहा।
सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
नगर थाना पुलिस ने आरोपी सुमित (सीवान निवासी) को गिरफ्तार कर लिया है और उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा है। इस घटना के बाद महिला सिपाहियों में भारी गुस्सा है और उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोग अब सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि अगर वर्दी में रहने वाली एक ट्रेंड महिला सिपाही सुरक्षित नहीं है, तो आम लड़कियों की सुरक्षा का क्या होगा? पुलिस फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।