BNT Desk: बिहार के मुजफ्फरपुर से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। बुधवार दोपहर काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के अघोरिया बाजार में शातिर बदमाशों ने ‘फर्जी पुलिस’ बनकर एक बड़े ज्वेलरी कारोबारी से करीब 15 लाख रुपये के गहने लूट लिए। ठगों ने इतनी सफाई से इस घटना को अंजाम दिया कि पीड़ित को खबर तक नहीं लगी कि उसके साथ खेल हो गया है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल?
पीड़ित कारोबारी परमानंद प्रसाद गुप्ता, जो कि मिठनपुरा के रामबाग़ के रहने वाले हैं, बुधवार को अघोरिया बाजार तिलकौट (एक तरह की मिठाई) खरीदने आए थे। जब वे खरीदारी कर वापस लौट रहे थे, तभी आम गोला रोड पर दो युवकों ने उन्हें रोका। उन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और कहा कि आगे भारी लूटपाट हुई है। उन्होंने डराते हुए कहा, “आगे खतरा है, आप इतना सोना पहनकर नहीं जा सकते।”
कागज़ की पुड़िया का वो ‘मायाजाल’
बदमाशों ने परमानंद जी को विश्वास में लिया और कहा कि सुरक्षा के लिए वे अपने गहने उतारकर अपनी स्कूटी की डिग्गी में रख दें। जैसे ही कारोबारी गहने उतारने लगे, ठगों ने मदद के बहाने अपनी जेब से एक कागज निकाला और कहा कि इसमें गहने लपेटकर रखिए। कारोबारी ने जैसे ही गहने उस कागज में रखे, ठगों ने पलक झपकते ही असली गहनों वाली पुड़िया गायब कर दी और उसकी जगह लोहे के टुकड़ों वाली दूसरी पुड़िया उनकी डिग्गी में रख दी।
जब डिग्गी खोली तो उड़ गए होश
ठगों के जाने के थोड़ी देर बाद जब परमानंद जी को कुछ शक हुआ, तो उन्होंने अपनी स्कूटी रोककर डिग्गी खोली। जैसे ही उन्होंने वह कागज खोला, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कागज के अंदर सोने के गहने नहीं, बल्कि लोहे के छोटे-छोटे बोल्ट और गिट्टी के टुकड़े थे। पीड़ित ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस कर रही है सीसीटीवी की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अनजान ‘पुलिसवालों’ से सावधान रहें।