मीटिंग में नहीं आने पर डीएम से शिकायत का डर दिखाकर पंचायत सदस्य के पति से ठगे 24 हजार

खगड़िया में शातिर ठग ने खुद को फर्जी जिला पंचायती राज अधिकारी बताकर पंचायत समिति सदस्य के पति से करीब 25 हजार रुपये ठग लिए। ठग ने मीटिंग में अनुपस्थित रहने पर डीएम से शिकायत करने का डर दिखाकर लिंक भेजा और खाते से पैसे उड़ा लिए। फिलहाल साइबर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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BNT Desk: बिहार के खगड़िया जिले से साइबर ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शातिर ठग ने खुद को ‘जिला पंचायती राज पदाधिकारी’ बताकर एक पंचायत समिति सदस्य के पति को अपने जाल में फंसा लिया। ठग ने पीड़ित को डराया कि उनकी पत्नी मीटिंग में नहीं आई हैं, जिसकी शिकायत डीएम (DM) से की जाएगी। इसी डर का फायदा उठाकर जालसाज ने उनके खाते से कुल 24,499 रुपये पार कर दिए।

अधिकारी बनकर दी धमकी और ऐसे फंसाया जाल में

यह पूरा मामला महेशखूंट थाना क्षेत्र के बिचली टोल (वार्ड-12) का है। शनिवार को गोगरी पंचायत समिति क्षेत्र संख्या-09 की सदस्य ममता कुमारी के पति अक्षय कुमार के पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अविनाश कुमार बताया और खुद को जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) बताया। उसने अक्षय से कहा कि उनकी पत्नी मीटिंग में शामिल नहीं हुई हैं, जिससे बड़े अधिकारी और जिलाधिकारी नाराज हैं। ठग ने कार्रवाई का डर दिखाकर अक्षय को इतना डरा दिया कि वह उसकी बातों में आ गए।

वॉट्सऐप पर लिंक भेजकर खाली कर दिया बैंक खाता

भरोसा जीतने के लिए ठग ने अक्षय के दूसरे नंबर पर पंचायत समिति के नॉमिनेशन के समय की पुरानी तस्वीरें भी भेजीं। जब अक्षय को यकीन हो गया कि फोन करने वाला असली अधिकारी है, तो ठग ने उन्हें झांसे में लेकर वॉट्सऐप पर अलग-अलग लिंक भेजे। जैसे ही अक्षय ने उन लिंक पर क्लिक किया, उनके खाते से दो बार में कुल 24,499 रुपये कट गए। पैसे कटते ही अक्षय को अहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी हो गई है।

लोकेशन का पता चला पर ठग अब भी फरार

पीड़ित अक्षय कुमार ने बताया कि जब उन्होंने ठग का वॉट्सऐप लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश की, तो वह ‘एपी मॉल, पश्चिम टोला काजीचक रोड’ की एक दुकान के अंदर का दिखा रहा था। अक्षय ने तुरंत साइबर सेल के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाना खगड़िया में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस कर रही है मामले की छानबीन

इस मामले पर साइबर थानाध्यक्ष निशांत गौरव ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन आने पर डरे नहीं और न ही वॉट्सऐप पर भेजे गए किसी संदिग्ध लिंक को खोलें। साइबर अपराधी अक्सर रसूखदार अधिकारियों का नाम लेकर लोगों को डराते हैं, इसलिए सतर्क रहना ही बचाव है।

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