बिहार से भागकर बेंगलुरु में बना रखा था ठिकाना, STF के साइलेंट ऑपरेशन में पकड़े गए दो बड़े अपराधी

पटना का कुख्यात इनामी अपराधी मनोज सिंह और उसका बेटा मानिक सिंह बेंगलुरु से गिरफ्तार। हत्या और रंगदारी के कई मामलों में फरार बाप-बेटी की इस जोड़ी ने गिरफ्तारी से पहले एनकाउंटर के डर से सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं।

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BNT Desk: बिहार पुलिस और एसटीएफ (STF) ने एक बड़े ऑपरेशन में पटना के नौबतपुर इलाके के दो बड़े अपराधियों को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है। कुख्यात इनामी अपराधी मनोज सिंह और उसके साथी मानिक सिंह को पुलिस ने उस वक्त पकड़ा, जब वे वहां छिपकर रह रहे थे। मनोज सिंह पर हत्या और रंगदारी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं और पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।

एनकाउंटर के डर से वायरल किया था वीडियो

दिलचस्प बात यह है कि अपनी गिरफ्तारी से ठीक पहले मनोज सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में वह काफी डरा हुआ दिख रहा था और उसने आरोप लगाया था कि बिहार पुलिस उसका ‘फर्जी एनकाउंटर’ कर सकती है। उसने खुद को बेकसूर बताते हुए सहानुभूति बटोरने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की सख्त निगरानी के आगे उसकी एक न चली। अब पुलिस कस्टडी में उसका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह हथकड़ी पहने नजर आ रहा है।

गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने बिछाया जाल

एसटीएफ को खबर मिली थी कि ये दोनों अपराधी बिहार से भागकर बेंगलुरु में ठिकाना बनाए हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन की मदद से उनका पीछा करना शुरू किया। बेंगलुरु पुलिस के सहयोग से एसटीएफ ने एक शांत ऑपरेशन चलाया और बिना किसी शोर-शराबे के दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के वक्त उनके पास से मोबाइल फोन और कुछ जरूरी कागजात भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

कौन है मनोज सिंह और क्या है उसका खौफ?

मनोज सिंह नौबतपुर और उसके आस-पास के इलाकों में आतंक का दूसरा नाम माना जाता था। उस पर हत्या की कोशिश, अवैध हथियार रखने और व्यापारियों से रंगदारी वसूलने के दर्जनों केस हैं। पुलिस ने उस पर इनाम भी रखा था। वहीं उसका साथी मानिक सिंह उसे फरारी के दौरान छिपने की जगह दिलाने और नेटवर्क चलाने में मदद करता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि बेंगलुरु में उन्हें रहने के लिए किसने मदद की थी।

ट्रांजिट रिमांड पर बिहार लाए जा रहे अपराधी

फिलहाल, दोनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर बिहार लाया जा रहा है। पटना पहुंचने के बाद उनसे कड़ी पूछताछ की जाएगी ताकि उनके पूरे गैंग का पर्दाफाश हो सके। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम जनता ने पुलिस की इस मुस्तैदी की तारीफ की है। यह गिरफ्तारी साफ संदेश है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिप जाएं, कानून के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं।

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