अररिया मर्डर केस: गलत पहचान में गई शिक्षिका की जान, अवैध संबंध के शक में रची गई थी सुपारी किलिंग

अररिया के नरपतगंज में शिक्षिका शिवानी वर्मा की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस की SIT जांच में सामने आया कि यह हत्या गलत पहचान के कारण हुई। अवैध संबंध के शक में हुश्न आरा ने 3 लाख में सुपारी दी थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार और बाइक बरामद कर ली।

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BNT Desk: अररिया जिले के नरपतगंज में शिक्षिका शिवानी वर्मा की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया था। शुरुआती दिनों में यह साफ नहीं था कि हत्या क्यों हुई, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई और जांच से चौंकाने वाला सच सामने आया। पता चला कि यह हत्या सुपारी किलिंग थी और गलत पहचान (Mistaken Identity) के कारण शिवानी की जान चली गई।

कैसे हुई गलतफहमी?

पुलिस की जांच में सामने आया कि अपराधियों का निशाना किसी और शिक्षिका को मारना था। वह शिक्षिका भी उसी मार्ग से स्कूटी से स्कूल जाती थी और समय भी लगभग एक जैसा था। शूटरों ने शिवानी की स्कूटी और हुलिया देखकर उन्हें गलती से वही महिला समझ लिया, जिसके बाद कन्हैली शिव मंदिर के पास गोलियां दाग दीं और शिवानी की मौके पर ही मौत हो गई।

अवैध संबंध के शक से शुरू हुई साज़िश

पुलिस जांच में यह सामने आया कि फारबिसगंज की रहने वाली हुश्न आरा को अपने पति मो. साकिर पर शक था कि उसका नरपतगंज की एक अन्य शिक्षिका के साथ अवैध संबंध है। इसी शक और ग़ुस्से में बहकर उसने उस शिक्षिका को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। हत्या की योजना बनाते हुए उसने 3 लाख रुपये में सुपारी दी और इस काम के लिए मो. मारूफ और मो. सोहैल नाम के दो अपराधियों को तैयार किया। दोनों शूटरों ने घटना से एक दिन पहले रेकी भी की थी ताकि हत्या को आसानी से अंजाम दिया जा सके। लेकिन पहचान की गलती के कारण वे असली महिला की जगह शिवानी वर्मा को ही निशाना समझ बैठे और उनकी जान ले ली।

पुलिस कार्रवाई

घटना के तुरंत बाद एसपी अंजनी कुमार ने मामले की त्वरित जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस ने सिर्फ तीन दिनों में पूरी घटना का सच उजागर कर दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता हुश्न आरा और दोनों शूटरों—मो. मारूफ व मो. सोहैल—को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, हत्या में इस्तेमाल बाइक और देसी कट्टा भी बरामद कर लिया गया, जिससे इस पूरे मामले की कड़ियां पूरी तरह जुड़ गईं।

 

 

 

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