मुजफ्फरपुर के पारू थाना क्षेत्र के मोहजम्मा गांव में एक बहुत ही दुखद घटना हुई। यहां एक अमेरिकन बुलडॉग ने तीन साल की बच्ची शिवानी पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों की वजह से बुधवार को SKMCH अस्पताल में शिवानी की मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में डर और गुस्सा फैल गया है।
बच्ची के पिता कमलेश सहनी ने बताया कि मंगलवार की शाम उसकी बेटी शिवानी अपने भाई-बहनों के साथ गांव के देवी स्थान पर पूजा देखने जा रही थी। रास्ते में गांव का ही एक दबंग परिवार का लड़का अपने बुलडॉग को जंजीर में पकड़े टहला रहा था। यह कुत्ता बहुत ताकतवर था और अक्सर लोगों को डराता था।
कमलेश के अनुसार, अचानक उस युवक के हाथ से कुत्ते की जंजीर छूट गई। जैसे ही जंजीर छूटी, कुत्ता सीधे बच्चों की तरफ दौड़ा और हमला कर दिया। दो बच्चे किसी तरह भागकर अपनी जान बचा पाए, लेकिन शिवानी नहीं भाग सकी। कुत्ते ने उसे जबड़े से पकड़ लिया और करीब 5 मिनट तक खेत में घसीटता रहा।
हमले में शिवानी के सिर की चमड़ी और बाल खिंचकर उखड़ गए। वह बेहोश होकर वहीं गिर गई। परिवार वाले उसे तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे SKMCH रेफर किया, लेकिन शिवानी को बचाया नहीं जा सका।
शिवानी अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी मौत से घर में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस हादसे से सदमे में है।
यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि बुलडॉग भारत में प्रतिबंधित (बैन) नस्लों में शामिल है। इसके बावजूद लोग इसे पालते हैं। जांच में पता चला कि जिस बुलडॉग ने हमला किया, उसके मालिक ने 15 दिन पहले ही सोनपुर मेले से एक जोड़ी अमेरिकन बुलडॉग खरीदे थे, जहाँ अक्सर विदेशी और खतरनाक नस्लों के कुत्ते बेचे जाते हैं। कई बार यहाँ प्रतिबंधित नस्लों की भी अवैध बिक्री की शिकायतें मिलती रहती हैं. गांव वाले इस लापरवाही से बहुत नाराज हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।