UP Board Pre-Board Exams 2026: यूपी में शुरू हुई प्री-बोर्ड परीक्षाएं, बिल्कुल मुख्य बोर्ड जैसा है माहौल

यूपी में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट प्री-बोर्ड परीक्षाएं कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई हैं। मुख्य बोर्ड परीक्षा के तर्ज पर आयोजित इस 'रिहर्सल' का उद्देश्य छात्रों का डर दूर करना और उन्हें फाइनल एग्जाम के लिए मानसिक रूप से तैयार करना है, ताकि वे अपनी कमियों को सुधारकर बेहतर अंक ला सकें।

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BNT Desk: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की प्री-बोर्ड परीक्षाएं गुरुवार से राज्य भर के स्कूलों में शुरू हो गई हैं। छात्र-छात्राओं के लिए यह दिन काफी अहम रहा क्योंकि यह परीक्षा बिल्कुल मुख्य बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को फाइनल परीक्षा से पहले पूरी तरह तैयार करना और उनके मन से बोर्ड का डर निकालना है।

पहले दिन का हाल: हिंदी और नागरिक शास्त्र से हुई शुरुआत

परीक्षा के पहले दिन स्कूलों में काफी हलचल और गहमागहमी देखने को मिली। हाईस्कूल के छात्रों ने पहले दिन हिंदी विषय की परीक्षा दी, वहीं इंटरमीडिएट यानी 12वीं के छात्रों के लिए नागरिक शास्त्र (Civics) का पेपर आयोजित किया गया। स्कूलों ने बैठने की व्यवस्था से लेकर शिक्षकों की ड्यूटी तक, सब कुछ मुख्य बोर्ड परीक्षा जैसा ही रखा है। सुबह तय समय पर प्रश्न पत्र बांटे गए और छात्रों ने पूरी गंभीरता के साथ अपनी उत्तर पुस्तिकाएं भरीं।

DIOS का निर्देश: लापरवाही की कोई जगह नहीं

जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राकेश कुमार ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। उन्होंने सभी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न बरती जाए। डीआईओएस के अनुसार, प्री-बोर्ड का असली मकसद छात्रों को मानसिक और शैक्षिक रूप से मजबूत बनाना है। इससे छात्र अपनी कमियों को पहचान सकेंगे और समय रहते उनमें सुधार कर फाइनल परीक्षा में बेहतर अंक ला सकेंगे।

छात्रों में दिखा उत्साह, शिक्षकों ने बताया ‘रिहर्सल’ का फायदा

परीक्षा केंद्रों पर छात्र परीक्षा शुरू होने से करीब एक घंटे पहले ही पहुंच गए थे। छात्रों का कहना है कि इस ‘रिहर्सल’ से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। शिक्षकों का मानना है कि प्री-बोर्ड के परिणामों से यह समझने में आसानी होगी कि किन छात्रों को एक्स्ट्रा क्लास या ‘रेमेडियल क्लासेज’ की जरूरत है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा की यह तैयारी काफी प्रभावी ढंग से शुरू हुई है, जिससे छात्रों को अपनी तैयारी को परखने का एक सुनहरा मौका मिला है।

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