NEET UG 2026: 22.60 लाख छात्रों ने किया आवेदन, 12–14 मार्च तक फॉर्म सुधार का मौका

NEET UG 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार करीब 22.60 लाख छात्रों ने आवेदन किया है। अब NTA ने 12 से 14 मार्च तक करेक्शन विंडो खोलने की घोषणा की है, जिसमें छात्र अपने आवेदन फॉर्म में जरूरी सुधार कर सकते हैं। इसके बाद कोई बदलाव संभव नहीं होगा।

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BNT Desk: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस साल देशभर से करीब 22 लाख 60 हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। इस परीक्षा के जरिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS समेत कई मेडिकल कोर्सों में दाखिला मिलेगा। इस बार करीब 1 लाख 29 हजार MBBS सीटों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण इस बार भी प्रतियोगिता काफी कड़ी रहने की संभावना है। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में शामिल होते हैं।

824 मेडिकल कॉलेजों में मिलेगा दाखिला

NEET UG के माध्यम से देश के करीब 824 मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीटों पर एडमिशन होगा। इनमें सरकारी और निजी दोनों तरह के मेडिकल संस्थान शामिल हैं। इन कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET परीक्षा अनिवार्य है। इसी परीक्षा के आधार पर छात्रों की मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और काउंसलिंग के जरिए उन्हें सीटें आवंटित की जाती हैं।

12 से 14 मार्च तक खुलेगी करेक्शन विंडो

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रों को राहत देते हुए आवेदन फॉर्म में सुधार के लिए करेक्शन विंडो खोलने का फैसला किया है। छात्र 12 मार्च से 14 मार्च रात 11:50 बजे तक अपने आवेदन फॉर्म में बदलाव कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉग इन करना होगा। निर्धारित समय के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इन जानकारियों में कर सकेंगे बदलाव

करेक्शन विंडो के दौरान अभ्यर्थी अपनी कई महत्वपूर्ण जानकारियों में बदलाव कर सकते हैं। इसमें शामिल हैं:

  1. व्यक्तिगत जानकारी
  2. शैक्षणिक योग्यता
  3. परीक्षा शहर या केंद्र से जुड़ी जानकारी
  4. माता-पिता का नाम
  5. श्रेणी (Category)
  6. अन्य आवश्यक विवरण

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सभी बदलाव सावधानीपूर्वक करें, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।

श्रेणी बदलने पर देना पड़ सकता है शुल्क

यदि कोई छात्र अपनी कैटेगरी (Category) में बदलाव करता है तो कुछ मामलों में उसे अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।

  1. आरक्षित से अनारक्षित श्रेणी में बदलाव करने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
  2. लेकिन अनारक्षित से आरक्षित श्रेणी में बदलाव करने पर फीस का अंतर देना होगा।
  3. ओबीसी या ईडब्ल्यूएस से अन्य श्रेणी में बदलाव पर 100 से 700 रुपये तक का शुल्क लग सकता है।

सुधार का मिलेगा सिर्फ एक मौका

NTA ने साफ कहा है कि आवेदन फॉर्म में सुधार का अवसर केवल एक बार ही मिलेगा। इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे फॉर्म में बदलाव करते समय सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें। निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे भविष्य में परेशानी हो सकती है।

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