BNT Desk: बिहार और मिथिलांचल के छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि CBSE CTET (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) जल्द ही मैथिली भाषा को भी विकल्प के तौर पर शामिल कर सकता है। यह फैसला नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की हाल की बैठक में पास किए गए प्रस्ताव के आधार पर सामने आया है। इससे लाखों मैथिली‑भाषी उम्मीदवार अब अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने का मौका पा सकते हैं, जिससे उन्हें बेहतर परिणाम और अधिक आत्मविश्वास मिलने की उम्मीद है।
CTET की वर्तमान स्थिति और आगामी परीक्षा
वर्तमान में CTET को 20 भाषाओं में आयोजित किया जाता है और यह परीक्षा देश भर के 132 शहरों में होती है। अगले CTET 2026 का आयोजन 8 फरवरी 2026 को तय किया गया है, जिसमें दो पेपर होंगे – पेपर I (कक्षा 1–5) और पेपर II (कक्षा 6–8)। मैथिली भाषा के शामिल होने से यह परीक्षा और अधिक समावेशी और विविधता‑पूर्ण बन जाएगी, खासकर बिहार और मिथिलांचल जैसे क्षेत्रों के छात्रों के लिए।
राजनीतिक समर्थन और स्थानीय प्रतिक्रिया
दरभंगा के भाजपा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि यह लंबे समय से चली आ रही मांग थी और यह कदम अब वास्तविक रूप से करीब है। उन्होंने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्रालय का भी आभार जताया है कि उन्होंने इस बदलाव पर विचार किया। यदि आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होता है, तो मैथिली‑भाषी अभ्यर्थी CTET में अपनी भाषा का विकल्प चुनकर परीक्षा दे सकेंगे।
विशेषज्ञों की राय और महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा के विकल्प को बढ़ाने से CTET जैसी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा अधिक छात्रों के लिए सुलभ और न्यायसंगत बनेगी। यह बदलाव न केवल भाषा‑आधारित अभ्यर्थियों को लाभ देगा, बल्कि शिक्षण क्षेत्र में विविध प्रतिभाओं को भी बढ़ावा देगा। अब अभ्यर्थी इस बदलाव की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे अपनी तैयारी और योजना उसी के अनुरूप बना सकें।