BNT Desk: देश की बहादुर IPS अधिकारी अंकिता शर्मा ने UPSC परीक्षा में दो बार असफलता का सामना किया, लेकिन हार मानना कभी उनके शब्दकोश में नहीं था। उन्होंने खुद कहा कि असफलता डराने के लिए नहीं, बल्कि सीखने और बेहतर बनने के लिए आती है। उनकी मेहनत और धैर्य ने उन्हें आखिरकार IPS बनने का सपना पूरा करने में मदद की।
संघर्षों से मिली सीख
अंकिता ने बताया कि UPSC की तैयारी में कई बार उन्हें हिम्मत टूटने लगी। लंबी पढ़ाई, तनाव और मुश्किल हालात के बावजूद, उन्होंने परिवार और दोस्तों के समर्थन से हिम्मत नहीं हारी। हर असफलता से उन्होंने सबक लिया और अपनी रणनीति में बदलाव किया। उनकी कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो लगातार प्रयास के बावजूद लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते।
IPS बनने का सफर
तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद अंकिता शर्मा ने UPSC में सफलता पाई और देश की सेवा में IPS अधिकारी के रूप में कदम रखा। अब वे कानून व्यवस्था बनाए रखने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए संयम, धैर्य और लगातार प्रयास बहुत जरूरी हैं।
संदेश और प्रेरणा
अंकिता का संदेश है कि कभी हार न मानें। असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की दिशा में एक कदम है। अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो और मेहनत लगातार जारी रहे, तो कोई भी सपना असंभव नहीं है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि हिम्मत और लगन से मुश्किल राहें भी आसान हो सकती हैं।