AI बदल रहा रोजगार का भविष्य

AI से डेटा एंट्री, क्लेरिकल, कॉल सेंटर और ट्रैवल एजेंट जैसी नौकरियाँ सबसे अधिक खतरे में हैं। वहीं सृजनात्मकता, जटिल निर्णय और मानव संपर्क वाले कार्य सुरक्षित बने हुए हैं। भविष्य में स्किल अपग्रेडेशन और तकनीकी ज्ञान से कर्मचारियों को AI‑संपन्न वातावरण में तालमेल बैठाना होगा।

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BNT Desk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ मशीनरी या रूटीन काम तक सीमित नहीं है। यह डेटा प्रोसेसिंग, विश्लेषण और भाषा‑आधारित कार्यों को भी संभाल सकता है। तकनीक की तेजी से उन्नति के कारण ऑफिस, क्लेरिकल और डेटा‑सेंट्रिक जॉब्स पर सबसे अधिक असर देखा जा रहा है। AI अब ऐसी जिम्मेदारियों को भी निभा सकता है जो पहले केवल इंसान कर सकता था, जिससे इन क्षेत्रों में नौकरी का जोखिम बढ़ गया है।

सबसे अधिक प्रभावित नौकरियाँ

AI और ऑटोमेशन से सबसे पहले वे नौकरी वर्ग प्रभावित हो रहे हैं जिनमें दोहराए जाने वाले, डेटा‑आधारित और नियमित कार्य शामिल हैं। डेटा एंट्री, कॉल सेंटर, टेलीमार्केटिंग और ट्रैवल एजेंसी जैसी नौकरियाँ तेजी से मशीनों और AI सॉफ़्टवेयर द्वारा की जा रही हैं। इसके अलावा भाषा‑आधारित रिपोर्टिंग, अनुवाद और एडिटिंग जैसे कार्यों पर भी AI का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। इन क्षेत्रों में इंसानी श्रम की जगह तेजी से तकनीक ले रही है, जिससे कर्मचारियों के लिए खतरा वास्तविक हो गया है।

सुरक्षित रह सकने वाले कार्य

जहाँ मशीन दोहराए जाने वाले कार्य ले सकती है, वहीं सृजनात्मकता, गहन मानव संपर्क और जटिल निर्णय की जरूरत वाले काम अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं। स्वास्थ्य सेवा, उच्च प्रबंधन, रणनीतिक निर्णय, कला और डिज़ाइन के क्षेत्र में AI पूरी तरह से मानव का स्थान नहीं ले सकता। शिक्षा और सलाहकार सेवाओं में भी मानवीय अनुभव और निर्णय की अहमियत बनी रहती है। इन क्षेत्रों में नौकरी सुरक्षित होने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।

भविष्य की चुनौतियाँ और अवसर

AI सिर्फ नौकरियाँ छीनने वाला नहीं है, बल्कि यह नई संभावनाएँ और नई स्किल्स भी पेश कर रहा है। भविष्य में कर्मचारियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे तकनीकी ज्ञान, सृजनात्मक क्षमता और स्किल अपग्रेडेशन पर ध्यान दें। इससे वे AI‑संपन्न कार्य वातावरण में तालमेल बैठाकर न केवल अपने रोजगार को सुरक्षित रख सकेंगे, बल्कि नई संभावनाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।

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